Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Sep, 2026 12:55 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 अक्टूबर 2026 से बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर नया नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत बैंकों को बड़ी रकम वाली FD पर लागू ब्याज दरों की जानकारी हर कार्यदिवस अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी
नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 अक्टूबर 2026 से बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर नया नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत बैंकों को बड़ी रकम वाली FD पर लागू ब्याज दरों की जानकारी हर कार्यदिवस अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना और बड़े निवेशकों को अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने में आसानी देना है।
हर कार्यदिवस सुबह जारी करनी होगी ब्याज दर
नए फ्रेमवर्क के तहत बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर लागू दैनिक ब्याज दरों की जानकारी हर कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी।
अगर बैंक को उस दिन घोषित दरों में कोई बदलाव करना है, तो इसके लिए सुबह 10 बजे के बाद सीमित समय का प्रावधान होगा। उस दिन समान श्रेणी और समान शर्तों वाली स्वीकार की गई जमाओं पर घोषित दर लागू होगी।
₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD होगी बल्क डिपॉजिट
बैंकिंग नियमों के तहत ₹3 करोड़ या उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति, कंपनी या संस्था ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD कराने जा रही है, तो उसे निवेश से पहले बैंक की वेबसाइट पर उस दिन की लागू ब्याज दर जरूर देखनी चाहिए।
नए नियम से बड़े निवेशकों को क्या फायदा?
नए नियम के बाद बड़े जमाकर्ताओं के लिए FD की ब्याज दरों को समझना और उनकी तुलना करना आसान हो सकता है।
पारदर्शिता बढ़ेगी: बैंक की लागू दरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेंगी।
तुलना करना आसान होगा: निवेशक अलग-अलग बैंकों की दरों को देखकर फैसला कर सकेंगे।
दर को लेकर स्पष्टता: समान श्रेणी और शर्तों वाली जमाओं के लिए घोषित दर लागू होगी।
हालांकि, कुछ ऐसी जमाओं के मामले में अलग प्रावधान हो सकते हैं जिनकी लिक्विडिटी विशेषताएं अलग हैं और जो LCR (Liquidity Coverage Ratio) फ्रेमवर्क के अंतर्गत आती हैं।
छोटे FD निवेशकों पर क्या असर होगा?
अगर आप ₹1 लाख, ₹2 लाख, ₹5 लाख या इसी तरह की सामान्य खुदरा FD करा रहे हैं, तो इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। नया नियम मुख्य रूप से ₹3 करोड़ या उससे अधिक की बल्क डिपॉजिट पर लागू होगा यानी छोटे निवेशकों को हर सुबह बैंक की वेबसाइट पर FD की ब्याज दर चेक करने की जरूरत नहीं होगी। उनकी सामान्य FD पहले की तरह बैंक की लागू रिटेल दरों के आधार पर संचालित होगी।