Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Feb, 2026 11:59 AM
अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Supreme Court of the United States ने Donald Trump प्रशासन द्वारा ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया। हालांकि, इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10%...
बिजनेस डेस्कः अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Supreme Court of the United States ने Donald Trump प्रशासन द्वारा ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया। हालांकि, इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लागू करने को मंजूरी दे दी।
इन घटनाक्रमों का असर सोमवार को दलाल स्ट्रीट समेत वैश्विक शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता और करीब 175 अरब डॉलर की संभावित टैरिफ वापसी के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय बाजार पर संभावित असर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन भारतीय कंपनियों के लिए राहत लेकर आ सकता है जिनका बड़ा एक्सपोजर अमेरिकी बाजार में है। इससे सकारात्मक माहौल बना है और सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत की उम्मीद है।
गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) निफ्टी-50 के मुकाबले करीब 200 अंक ऊपर बंद हुआ, जो बाजार में तेजी के संकेत दे रहा है। अनुमान है कि बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ खुल सकता है।
भारतीय निर्यातकों को राहत
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, पहले इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ था। अब इस फैसले के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत लागू 18% पारस्परिक टैरिफ प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है।
इसका मतलब है कि भारत के लगभग 55% निर्यात पर अब केवल 10% टैरिफ लागू रहेगा। हालांकि, सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ — जैसे स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर — अभी भी जारी रहेंगे।
सोने-चांदी में बढ़ेगी हलचल?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक व्यापार नीति में नई अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे सोने और चांदी में तेजी देखने को मिल सकती है।
सोने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,880 डॉलर प्रति औंस का सपोर्ट और 5,100–5,120 डॉलर का रेजिस्टेंस बताया गया है। घरेलू बाजार में 1,49,800 रुपए प्रति 10 ग्राम सपोर्ट और 1,61,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर माना जा रहा है। इन स्तरों के पार जाने पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5,350 डॉलर और भारत में 1,75,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
चांदी के लिए घरेलू बाजार में 2,25,000 रुपए प्रति किलोग्राम सपोर्ट और 2,75,000–2,78,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर बताया गया है। मजबूत ब्रेकआउट की स्थिति में चांदी 3,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।
कुल मिलाकर, टैरिफ को लेकर अमेरिका में हुए इस बड़े फैसले ने वैश्विक बाजारों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। अब निवेशकों की नजर सोमवार को बाजार की शुरुआत और कमोडिटी कीमतों की चाल पर रहेगी।