Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Feb, 2026 12:54 PM

कीमती धातुओं में लगातार तेजी का असर अब म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर साफ दिख रहा है। जनवरी महीने में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में 18 महीनों की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले महीने करीब 12 लाख नए निवेशक इस उद्योग से जुड़े, जिससे कुल निवेशकों...
बिजनेस डेस्कः कीमती धातुओं में लगातार तेजी का असर अब म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर साफ दिख रहा है। जनवरी महीने में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में 18 महीनों की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले महीने करीब 12 लाख नए निवेशक इस उद्योग से जुड़े, जिससे कुल निवेशकों की संख्या बढ़कर 6.02 करोड़ हो गई।
यह बढ़ोतरी 2025 की औसत मासिक वृद्धि (करीब 5 लाख) से दोगुनी से भी ज्यादा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में तेजी ने निवेशकों को कीमती धातुओं से जुड़े निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है।
गोल्ड-सिल्वर ETF बने सबसे पसंदीदा विकल्प
जनवरी में गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) ने शुद्ध निवेश और फोलियो वृद्धि के मामले में सक्रिय इक्विटी योजनाओं को पीछे छोड़ दिया। कुल फोलियो वृद्धि में इन दोनों ETF का योगदान 55% रहा।
इसके अलावा निवेशकों ने फंड ऑफ फंड्स (FOF) के माध्यम से भी कीमती धातुओं में निवेश किया। जनवरी में प्रेशियस मेटल FOF में कुल निवेश 33,503 करोड़ रुपए रहा, जो सक्रिय इक्विटी योजनाओं में हुए शुद्ध निवेश से करीब 40% अधिक था।
सांस्कृतिक जुड़ाव बना बड़ी ताकत
Mirae Asset Investment Managers (India) के उपाध्यक्ष और सीईओ Swarup Anand Mohanty ने कहा कि गोल्ड स्कीमें फंड उद्योग के लिए नए ग्राहकों को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती हैं। भारत में सोने का गहरा सांस्कृतिक महत्व है, जो इसे निवेश के रूप में स्वाभाविक रूप से लोकप्रिय बनाता है।
क्यों बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने शॉर्ट टर्म से लेकर लॉन्ग टर्म तक मजबूत रिटर्न दिए हैं। यही वजह है कि मौजूदा निवेशकों के साथ-साथ पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले भी इस श्रेणी की ओर आकर्षित हुए हैं।