Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Feb, 2026 12:06 PM

भारत के बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने गोल्ड और सिल्वर से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की प्राइसिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद ETF की बाजार कीमत और उनके अंडरलाइंग एसेट के वास्तविक मूल्य...
बिजनेस डेस्कः भारत के बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने गोल्ड और सिल्वर से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) की प्राइसिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद ETF की बाजार कीमत और उनके अंडरलाइंग एसेट के वास्तविक मूल्य के बीच अंतर को कम करना है, ताकि ट्रेडिंग ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो सके।
प्रस्ताव के अनुसार, गोल्ड ETF और सिल्वर ETF के लिए मौजूदा फिक्स्ड प्राइस बैंड को पूरी तरह हटाया जा सकता है। इसके बजाय इनकी लिमिट डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू दैनिक प्राइस लिमिट के अनुरूप तय करने की बात कही गई है। हाल के समय में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज वोलैटिलिटी को देखते हुए नियामक का मानना है कि मौजूदा प्राइस बैंड बाजार की वास्तविक स्थिति को सही तरह से नहीं दर्शा पा रहा है।
इसके अलावा ETF की कीमत तय करने में मदद के लिए अलग से प्री-ओपन सेशन शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है। क्योंकि सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पूरे दिन ट्रेड होते हैं, जबकि ETF सिर्फ बाजार समय में ट्रेड होते हैं, इसलिए कीमतों में अंतर की समस्या सामने आती है।
मौजूदा व्यवस्था में ETF दो दिन पुराने (T-2) नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर प्लस-माइनस 20 प्रतिशत के फिक्स्ड बैंड में ट्रेड होते हैं। नए प्रस्ताव में पिछले ट्रेडिंग दिन के इंडिकेटिव NAV के आधार पर डायनेमिक प्राइस बैंड लागू करने का सुझाव दिया गया है, जिससे ETF की ट्रेडिंग रेंज ज्यादा वास्तविक और बाजार के अनुरूप हो सके।