जनवरी में भारत से मोबाइल निर्यात 25,000 करोड़ के पार, iPhone का 70% योगदान

Edited By Updated: 19 Feb, 2025 12:59 PM

mobile exports from india crossed rs 25 000 crore in january

भारत से मोबाइल फोन का निर्यात रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा है। पिछले महीने जनवरी 2025 में निर्यात का आंकड़ा 25,000 करोड़ रुपए के लेवल को पार कर दिया। इंडस्ट्री बॉडी इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक पिछले महीने के एक्सपोर्ट...

बिजनेस डेस्कः भारत से मोबाइल फोन का निर्यात रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा है। पिछले महीने जनवरी 2025 में निर्यात का आंकड़ा 25,000 करोड़ रुपए के लेवल को पार कर दिया। इंडस्ट्री बॉडी इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक पिछले महीने के एक्सपोर्ट रेवेन्यू में करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी एपल (Apple) के आईफोन (iPhone) की रही। जिस स्पीड से निर्यात का आंकड़ा बढ़ रहा है, उससे अब इस वित्त वर्ष 2025 में कुल निर्यात 1.80 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 40% अधिक होगी और वित्त वर्ष 2021 में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना की शुरुआत के बाद से से 680% की असाधारण वृद्धि है।

मोबाइल फोन के निर्यात में तेजी का क्या है मतलब?

जनवरी महीने में मोबाइल फोन के निर्यात का आंकड़ा 25,000 करोड़ रुपए के लेवल को पार कर दिया और इसमें भी करीब 70 फीसदी अधिक हिस्सेदारी सिर्फ एपल (Apple) के आईफोन (iPhone) की रही। कुल निर्यातमें एपल के अहम कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन की हिस्सेदारी 31 फीसदी (करीब 96 करोड़ डॉलर) रही। मोबाइल फोन निर्यात में तेजी का मतलब है कि अब यह कैटेगरी भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इसके अलावा अमेरिकी बाजार भारत में बने स्मार्टफोन के लिए अहम मार्केट के रूप में उभर रहा है। ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रू के मुताबिक पहली बार देश से सबसे अधिक निर्यात होने वाली चीज स्मार्टफोन बनने जा रही है।

रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा प्रोडक्शन

भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन इस वित्त वर्ष 2025 में 5.10 लाख करोड़ रुपए के लेवल को छूने वाला है और यह दुनिया का अहम मैन्युफैक्चरर बनने की राह पर है। पीएलआई स्कीम लॉन्च होने के बाद से यह ताबड़तोड़ स्पीड से बढ़ा है और वित्त वर्ष 2021 में यह 2.20 लाख करोड़ रुपए पर था जोकि वित्त वर्ष 2024 में 4.22 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पंकज के मुताबिक यह सरकार के सहयोग और इंडस्ट्री की क्षमता से संभव हो पाया है। उनका कहना है कि अब अगले चरण में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, प्रोडक्शन बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर होगा ताकि देश के 50 हजार करोड़ डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्य को हासिल किया जा सके। पंकज ने कहा कि अब लक्ष्य भारत को दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन एक्सपोर्टर बनाने का है। 

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