Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 May, 2026 12:29 PM

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने वेदांता लिमिटेड की दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की सफल बोली को चुनौती दी गई थी।
बिजनेस डेस्कः राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने वेदांता लिमिटेड की दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए अडानी एंटरप्राइजेज की सफल बोली को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने कहा कि वेदांता की अपील में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे निचली अदालत (NCLT) के फैसले में हस्तक्षेप किया जा सके।
पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा, “अपील में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।” साथ ही न्यायाधिकरण ने यह भी माना कि ऋणदाताओं की समिति (CoC) का निर्णय व्यावसायिक समझ और समग्र मूल्यांकन पर आधारित था।
वेदांता के तर्क खारिज
वेदांता ने दावा किया था कि उसकी बोली वित्तीय रूप से अधिक मूल्यवान थी लेकिन न्यायाधिकरण ने इसे स्वीकार नहीं किया। एनसीएलएटी ने कहा कि उच्च मूल्य वाली योजना को अस्वीकार करना “मनमाना या अनुचित” नहीं माना जा सकता।
अडानी एंटरप्राइजेज की बोली को मंजूरी
Adani Enterprises Limited ने जेएएल के लिए ₹14,535 करोड़ की बोली लगाकर प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल की थी और ऋणदाताओं से 89% समर्थन प्राप्त किया था। इसके बाद 17 मार्च को NCLT ने बोली को मंजूरी दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में भी राहत नहीं
इस मामले में वेदांता ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से भी रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।
जेएएल का कर्ज संकट
Jaiprakash Associates Limited को जून 2024 में ₹57,000 करोड़ से अधिक के कर्ज के कारण दिवाला प्रक्रिया में शामिल किया गया था। कंपनी के पास रियल एस्टेट, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी संपत्तियां हैं।