Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 May, 2026 01:29 PM

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिया है कि देशभर में 2026 के आखिर तक पारंपरिक टोल प्लाजा हटाए जा सकते हैं। उनकी जगह ऐसी आधुनिक टोल व्यवस्था लाई जाएगी, जिसमें वाहन चालकों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा और सफर तेज व आसान हो जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिया है कि देशभर में 2026 के आखिर तक पारंपरिक टोल प्लाजा हटाए जा सकते हैं। उनकी जगह ऐसी आधुनिक टोल व्यवस्था लाई जाएगी, जिसमें वाहन चालकों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा और सफर तेज व आसान हो जाएगा।
गडकरी ने कहा कि नई प्रणाली “पे-एज-यू-ड्राइव” मॉडल पर आधारित होगी यानी वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल देना होगा। इससे लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
बिना रुके टोल पार
नई टोल प्रणाली नंबर प्लेट पहचान तकनीक (ANPR) और FASTag पर आधारित होगी। इसके जरिए वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे और शुल्क अपने आप कट जाएगा। गडकरी के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल 85 टोल स्थानों पर शुरू किया जा चुका है और साल के अंत तक इसे देशभर में लागू करने की योजना है।
यात्रियों का खर्च होगा कम
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों का खर्च भी काफी कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहां अभी कई जगहों पर 125 से 150 रुपए तक टोल देना पड़ता है, वहीं नया सिस्टम लागू होने के बाद यह खर्च घटकर करीब 15 रुपए तक रह सकता है। उन्होंने 3,000 रुपए के एक विशेष पास का भी जिक्र किया, जिसके जरिए करीब 200 टोल क्रॉसिंग तक यात्रा की जा सकेगी।
गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर, दिल्ली-देहरादून, अमृतसर, कटरा और श्रीनगर समेत कई बड़े हाईवे कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही दिल्ली-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी।
इससे पहले सरकार ने गुजरात के NH-48 पर सूरत-भरूच सेक्शन में भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम शुरू किया था। यह तकनीक ANPR और FASTag के जरिए चलते वाहन से ही टोल वसूली की सुविधा देती है।