Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 May, 2026 04:51 PM

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला प्रशासन ने विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (पीवीटीजी) पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों के लिए दूरदराज के इलाकों में पेयजल उपलब्ध कराने के मकसद से 113 हैंडपंप और बोरवेल स्थापित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी...
नेशनल डेस्क। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला प्रशासन ने विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (पीवीटीजी) पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों के लिए दूरदराज के इलाकों में पेयजल उपलब्ध कराने के मकसद से 113 हैंडपंप और बोरवेल स्थापित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से उन ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें फिलहाल अपने गांवों से दूर स्थित पारंपरिक जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता है।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल संकट को गंभीरता से लिया और जिला कलेक्टर को तत्काल एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने बताया कि साय ने जोर देकर कहा था कि दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहें और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, विशेषकर आवश्यक सेवाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सरगुजा के कलेक्टर अजित वसंत ने संबंधित विभागों को एक महीने में सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। वसंत ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में छह, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में चार, इस तरह इन विकासखंडों में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन किए जाएंगे।