Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Nov, 2026 01:18 PM

अक्टूबर में भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में जोरदार गतिविधियां देखने को मिलीं। त्योहारी मांग के चलते देश में कारों की बिक्री पहली बार एक महीने में 5 लाख यूनिट के पार पहुंच गई। वहीं, डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर भी नया रिकॉर्ड बना और यूपीआई...
नई दिल्लीः अक्टूबर में भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में जोरदार गतिविधियां देखने को मिलीं। त्योहारी मांग के चलते देश में कारों की बिक्री पहली बार एक महीने में 5 लाख यूनिट के पार पहुंच गई। वहीं, डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर भी नया रिकॉर्ड बना और यूपीआई लेनदेन 25 अरब के आंकड़े को पार कर गया। इसके अलावा जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 23 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, देश का कच्चे तेल और एलएनजी का आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। ये आंकड़े घरेलू मांग में मजबूती के साथ ऊर्जा जरूरतों में बढ़ोतरी को भी दर्शाते हैं।
कारों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
अक्टूबर में देश में यात्री वाहनों की बिक्री करीब 14 फीसदी बढ़कर 5.30 लाख यूनिट रहने का अनुमान है। पहली बार किसी एक महीने में कारों की बिक्री 5 लाख यूनिट के पार पहुंची है। नवरात्रि और दशहरे के दौरान ग्राहकों की मजबूत मांग इसका प्रमुख कारण रही। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई मोटर इंडिया और किया इंडिया ने भी इस दौरान रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। इससे पहले जुलाई में 4.69 लाख यूनिट की बिक्री हुई थी।

UPI लेनदेन 25 अरब के पार
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी अक्टूबर में नया कीर्तिमान बना। इस दौरान यूपीआई के जरिए 25.47 अरब लेनदेन हुए, जिनकी कुल कीमत 31.53 लाख करोड़ रुपये रही। सितंबर में 24.07 अरब लेनदेन के जरिए 29.37 लाख करोड़ रुपए का भुगतान हुआ था। इस तरह लेनदेन की संख्या में 5.8 फीसदी और कुल मूल्य में 7.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। औसत दैनिक लेनदेन का मूल्य भी पहली बार एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।

GST संग्रह में 23 फीसदी की बढ़ोतरी
अक्टूबर में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपए हो गया। लगातार दूसरे महीने कर संग्रह दो लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक जीएसटी संग्रह है। घरेलू आर्थिक गतिविधियों और आयात से मिलने वाले राजस्व में बढ़ोतरी ने इसमें अहम भूमिका निभाई। इससे पहले अप्रैल में करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह हुआ था।
कच्चे तेल और LNG के आयात में उछाल
ऊर्जा क्षेत्र में भारत का कच्चे तेल का आयात अक्टूबर में रोजाना 56 लाख बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी अधिक है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी करीब 14 फीसदी तेजी रही। रूस भारत का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना रहा, जबकि पश्चिम एशिया और अटलांटिक बेसिन से भी आयात बढ़ा।

इसके अलावा, अक्टूबर में भारत का एलएनजी आयात 17.4 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 27 लाख टन पर पहुंच गया। बिजली, उर्वरक और सिटी गैस वितरण क्षेत्रों में बढ़ती मांग तथा घरेलू उत्पादन में गिरावट इसकी प्रमुख वजह रही। एलएनजी पर भारत की आयात निर्भरता भी 50 फीसदी से बढ़कर 52 फीसदी हो गई। सर्दियों में बिजली की मांग और उर्वरक उत्पादन की जरूरतों को देखते हुए कंपनियां गैस का भंडार बढ़ा रही हैं।