Why Gold-Silver Jumped: 3 दिन में ₹6,400 उछला सोना, चांदी ₹11,000 महंगी, जानें सितंबर में कितने चढ़ेंगे भाव?

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 05:04 PM

gold surges 6 400 and silver becomes dearer 11 000 in three days

Why Gold-Silver Jumped: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। आज (7 अगस्त 2026) को एमसीएक्स पर सोना करीब 1,48,958 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2,25,860 रुपए प्रति किलो पर थी। शहर, टैक्स, ज्वेलर का मार्जिन और मेकिंग...

Why Gold-Silver Jumped: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। आज (7 अगस्त 2026) को एमसीएक्स पर सोना करीब 1,48,958 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2,25,860 रुपए प्रति किलो पर थी। शहर, टैक्स, ज्वेलर का मार्जिन और मेकिंग चार्ज के हिसाब से दुकानों पर भाव थोड़ा अलग हो सकता है।

पिछले 3 कारोबारी दिनों में एमसीएक्स पर सोने का भाव करीब 6,400 रुपए प्रति 10 ग्राम बढ़ा है। इसी दौरान चांदी करीब 11,000 रुपए प्रति किलो महंगी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण काम कर रहे हैं।

सोने-चांदी में तेजी के कारण

सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती उम्मीदें हैं। बाजार को अनुमान है कि आने वाले महीनों में फेड सख्त रुख में नरमी दिखा सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश से निकलकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा डॉलर में कमजोरी आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ जाती है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई देता है।

भू-राजनीतिक तनाव भी कीमती धातुओं को सहारा दे रहा है। पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीद रहे हैं। वहीं, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

चांदी की बात करें तो इसकी मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में बढ़ते उपयोग से इसकी औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है। भारत में सप्लाई संबंधी दबाव भी चांदी की कीमतों को सहारा दे रहा है।

निवेशकों को सलाह 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त और सितंबर में सोने का रुख सकारात्मक रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। चांदी में तेजी की संभावना अधिक है लेकिन इसमें जोखिम भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहेगा। निवेशकों को सलाह है कि ऊंचे भाव पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करें और फ्यूचर्स-ऑप्शंस में बिना पर्याप्त समझ के ट्रेडिंग से बचें।

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