Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Jan, 2026 01:51 PM

सोमवार को भारतीय बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया। पहली बार चांदी की कीमत 3 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई, जिसे कीमती धातु के बाजार में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। सोने की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। वैश्विक व्यापार तनाव...
बिजनेस डेस्कः सोमवार को भारतीय बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया। पहली बार चांदी की कीमत 3 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई, जिसे कीमती धातु के बाजार में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। सोने की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। वैश्विक व्यापार तनाव और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा चांदी को मिला।
इंडियन बुलियन रेट्स के अनुसार, चांदी का भाव बढ़कर 3,01,120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया। एक ही कारोबारी सत्र में चांदी 12,830 रुपए महंगी हुई यानी करीब 4.45 फीसदी की जोरदार तेजी दर्ज की गई। भारतीय बाजार में यह पहला मौका है जब चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। वहीं MCX पर चांदी 5.26 फीसदी की तेजी के साथ 3,02,912 रुपए जबकि सोना 1.82 फीसदी की बढ़त के साथ 1,45,110 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
सोना भी मजबूत
सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है। सोना ₹1,45,590 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जिसमें ₹2,500 या 1.75% की तेजी दर्ज की गई। बीते कुछ सत्रों से सोना लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है और चांदी की तरह इसे भी वैश्विक कारकों से समर्थन मिल रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के भाव?
सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह सेफ-हेवन डिमांड है। अमेरिका की ओर से नए टैरिफ की धमकियों के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।
इसके अलावा...
- वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी
- अमेरिकी डॉलर में नरमी
- अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
जैसे कारकों ने भी सोना-चांदी की कीमतों को सहारा दिया है। चूंकि ये दोनों धातुएं ब्याज नहीं देतीं, इसलिए कम ब्याज दरों के माहौल में ये निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लगती हैं।
चांदी को मिल रहा दोहरा फायदा
चांदी की कीमतों में तेजी ज्यादा तेज रही है, क्योंकि इसे निवेश के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि अनिश्चितता के दौर में चांदी को दोहरा सपोर्ट मिल रहा है।