Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jun, 2026 03:07 PM

न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 12 अरब डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपए) मूल्य का सोना बेचने संबंधी अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है। एजेंसी ने स्वीकार किया कि यह रिपोर्ट गलत विश्लेषण पर आधारित थी।
बिजनेस डेस्कः न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 12 अरब डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपए) मूल्य का सोना बेचने संबंधी अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है। एजेंसी ने स्वीकार किया कि यह रिपोर्ट गलत विश्लेषण पर आधारित थी।
ब्लूमबर्ग ने बताया कि 2 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में आरबीआई के गोल्ड रिजर्व का आकलन करते समय तकनीकी गलती हुई थी। सोने के भंडार का मूल्यांकन करने के लिए गलती से उसी दिन की घरेलू सोने की कीमतों का इस्तेमाल किया गया था। बाद में सही मानकों के अनुसार गणना करने पर पता चला कि मई 2026 के दौरान आरबीआई की सोने की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
केंद्र सरकार को देनी पड़ी थी सफाई
इससे पहले रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरबीआई ने 22 मई को समाप्त हुए दो सप्ताह के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा है। खबर सामने आने के बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया था और केंद्र सरकार को सफाई देनी पड़ी थी।
सरकार ने स्पष्ट किया था कि आरबीआई द्वारा सोना बेचने की खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई।
RBI ने बताया कितना है सोने का भंडार
आरबीआई ने अपने मासिक बुलेटिन में भी बताया है कि उसके पास कुल 880.52 टन सोने का भंडार मौजूद है और इसमें कोई कमी नहीं आई है।
ब्लूमबर्ग की शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आरबीआई ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा बेचा है। हालांकि, बाद में एजेंसी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रिपोर्ट वापस ले ली।