दिसंबर तिमाही में खुदरा ऋण बकाया 18.1% बढ़कर 162 लाख करोड़ रुपए परः रिपोर्ट

Edited By Updated: 24 Feb, 2026 06:01 PM

retail loan outstanding grew 18 1 to 162 lakh crore december quarter

खुदरा ऋण का बकाया दिसंबर तिमाही में 18.1 प्रतिशत बढ़कर 162 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में तेजी, त्योहारी मांग और जीएसटी दरों में कटौती से कर्ज वितरण को बढ़ावा मिला। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

मुंबईः खुदरा ऋण का बकाया दिसंबर तिमाही में 18.1 प्रतिशत बढ़कर 162 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में तेजी, त्योहारी मांग और जीएसटी दरों में कटौती से कर्ज वितरण को बढ़ावा मिला। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

क्रेडिट सूचना कंपनी 'सीआरआईएफ हाई मार्क' की इस रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही के दौरान खुदरा ऋण में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाला आवासीय ऋण खंड 10.5 प्रतिशत बढ़कर 43 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, सोने के बदले कर्ज यानी स्वर्ण ऋण में 44.1 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई और इसका बकाया 16.2 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान व्यक्तिगत ऋण खंड का बकाया भी 11.6 प्रतिशत बढ़कर 15.9 लाख करोड़ रुपए हो गया। 

जीएसटी दरों में कटौती से वाहन कर्ज में 14.6 प्रतिशत, दोपहिया वाहन ऋण में 12.3 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता सामान ऋण में 14.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। आलोच्य अवधि में एकल स्वामित्व वाली इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण का बकाया 26.2 प्रतिशत बढ़ा। परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) के मोर्चे पर 30 से 180 दिन की देरी वाले खुदरा ऋणों का अनुपात घटकर दिसंबर, 2025 में 2.8 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले 3.2 प्रतिशत था। आवासीय ऋण के संदर्भ में सक्रिय ऋण खातों की संख्या 3.3 लाख बढ़ी, जो औसत ऋण आकार में वृद्धि का संकेत देता है। 

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