चावल निर्यातकों ने अमेरिका के शुल्क में कटौती का स्वागत किया

Edited By Updated: 03 Feb, 2026 11:59 AM

rice exporters welcomed the reduction in us tariffs

भारत के चावल निर्यातकों ने मंगलवार को वाशिंगटन के आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत किया। निर्यातकों का कहना है कि इस कटौती से प्रमुख बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता और मांग को बढ़ावा मिलेगा, विशेष रूप से ऐसे समय...

नई दिल्लीः भारत के चावल निर्यातकों ने मंगलवार को वाशिंगटन के आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत किया। निर्यातकों का कहना है कि इस कटौती से प्रमुख बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता और मांग को बढ़ावा मिलेगा, विशेष रूप से ऐसे समय में जब देश रिकॉर्ड उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (आईआरईएफ) ने इस कदम को सकारात्मक बताया क्योंकि भारत फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) में 14.9 करोड़ टन के रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद कर रहा है, जहां घरेलू उपलब्धता और बुनियादी स्थितियां काफी मजबूत हैं। 

फेडरेशन ने एक बयान में कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारतीय कृषि उत्पादों की अपरिहार्य स्थिति बनी हुई है और हाल के निर्यात रुझानों से पता चलता है कि अत्यधिक उच्च शुल्क के बावजूद मांग में लचीलापन बना हुआ है। आईआरईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने कहा कि व्यापार जगत रूसी तेल की खरीद के संबंध में लगाए गए अतिरिक्त जुर्माने पर भी छूट की उम्मीद कर रहा है। 

गर्ग ने कहा कि यदि इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह प्रभावी रूप से भारत के शुल्क बोझ को वर्तमान उच्च स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे भारत भी थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों के साथ बराबरी से मुकाबला कर सकेगा, जिन पर लगभग 19 प्रतिशत का शुल्क लगता है।  

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