UPI चार्ज पर SBI चेयरमैन का बड़ा बयान, बताया क्यों लगाया जा रहा चार्ज?

Edited By Updated: 26 Oct, 2026 03:04 PM

sbi chairman s big statement on upi charges explaining charges are being levied

आज के समय में UPI डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर दुकानों पर भुगतान और दोस्तों को पैसे भेजने तक, लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा ने लोगों के

नई दिल्लीः आज के समय में UPI डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर दुकानों पर भुगतान और दोस्तों को पैसे भेजने तक, लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की चर्चा ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अब हर ट्रांजैक्शन के लिए पैसे देने होंगे और इस चार्ज को लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और इस डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बैंकों को तकनीक, सुरक्षा और निगरानी पर लगातार निवेश करना पड़ता है। ऐसे में चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाने से इन खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

UPI पर चार्ज लगाने की जरूरत क्यों?

UPI से भुगतान करना भले ही आसान और मुफ्त हो लेकिन इसके पीछे बड़े तकनीकी ढांचे की जरूरत होती है। बैंकों को सर्वर, पेमेंट प्रोसेसिंग, साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लगातार खर्च करना पड़ता है।

शेट्टी के मुताबिक, SBI प्रतिदिन UPI के जरिए करीब 40 करोड़ वित्तीय और गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन संभालता है। इतने बड़े स्तर पर डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इसी वजह से बैंकिंग सेक्टर कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू करने की मांग कर रहा है।

क्या हर UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सभी UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगाने की बात नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले भुगतान और 2,000 रुपए तक के ज्यादातर मर्चेंट ट्रांजैक्शन को इससे बाहर रखने का प्रस्ताव है।

SBI चेयरमैन ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में करीब 98% ट्रांजैक्शन चार्ज के दायरे से बाहर रहेंगे। हालांकि, अंतिम नियम और लागू होने वाली शर्तों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से ही होगी।

क्या दुकानदार ग्राहकों से वसूल सकेंगे चार्ज?

ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं दुकानदार UPI से भुगतान करने पर उनसे अतिरिक्त पैसे न मांगने लगें। सीएस शेट्टी ने इस आशंका को देखते हुए कहा कि मर्चेंट के साथ नियमों को सख्त बनाने और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था जरूरी है।

MDR किस पर लागू होगा और उसका भुगतान कौन करेगा, यह अंतिम नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए ग्राहकों को फिलहाल यह नहीं मानना चाहिए कि हर UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

कब से लागू होगा UPI चार्ज?

रिपोर्ट के मुताबिक, MDR से जुड़ी व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली थी, लेकिन NPCI ने इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया। नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे लागू व्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए।

फिलहाल UPI चार्ज को लेकर चर्चा जारी है। ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी बदलाव से पहले NPCI और संबंधित बैंक की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
 

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