IDBI Bank की बिक्री के बाद कर्मचारियों की नौकरी और पेंशन पर क्या होगा असर? सरकार ने बताया प्लान

Edited By Updated: 24 Oct, 2026 11:23 AM

major from the government regarding idbi bank employees

आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के बाद मौजूदा कर्मचारियों के लिए नौकरी के नियम और शर्त पहले जैसे ही रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने

नई दिल्लीः आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के बाद मौजूदा कर्मचारियों के लिए नौकरी के नियम और शर्त पहले जैसे ही रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बैंक की हिस्सेदारी बेचने के बावजूद कर्मचारियों के मौजूदा अधिकारों और सेवा शर्तों की सुरक्षा की जाएगी।

52,878 करोड़ रुपए में बिकेगी 60% से अधिक हिस्सेदारी

अरुणीश चावला ने बताया कि आईडीबीआई बैंक में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपए में बेचने की प्रक्रिया के तहत मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेयर खरीद समझौते में कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत रणनीतिक खरीदार मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में ऐसा कोई बदलाव, संशोधन या फेरबदल नहीं कर सकता, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचे।

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नवंबर की शुरुआत में हड़ताल की तैयारी

सरकार के इस फैसले के बीच आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों ने विरोध का रास्ता अपनाया है। बैंक के कर्मचारियों ने नवंबर की शुरुआत में सभी शाखाओं में हड़ताल करने का आह्वान किया है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठनों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है। कर्मचारी संगठन बैंक की हिस्सेदारी बेचने के फैसले को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं।

पेंशनभोगियों के लिए अलग पेंशन फंड

पेंशनभोगियों की आशंकाओं पर चावला ने कहा कि उनके हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष पेंशन फंड अलग रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेंशन से जुड़ी प्रतिबद्धताओं का पालन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आईडीबीआई बैंक राष्ट्रीयकृत बैंक नहीं है। यहां कर्मचारियों की सेवा शर्तें सीधे केंद्र सरकार तय नहीं करती, बल्कि कर्मचारियों से परामर्श के बाद बैंक का निदेशक मंडल इन्हें निर्धारित करता है।

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कंपनी और श्रम कानूनों के तहत जारी रहेगा कामकाज

DIPAM सचिव ने कहा कि आईडीबीआई बैंक का पुनर्गठन एक चालू इकाई के रूप में किया जा रहा है। भविष्य में भी बैंक का प्रबंधन निदेशक मंडल के माध्यम से होगा और उसका संचालन कंपनी तथा श्रम कानूनों के तहत ही किया जाता रहेगा। सरकार का कहना है कि हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन संबंधी प्रतिबद्धताओं को सुरक्षित रखा जाएगा।
 

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