कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगभग स्थिर बंद, निफ्टी में 20 अंक की बढ़त

Edited By Updated: 21 Aug, 2026 06:05 PM

stock markets closed almost flat amid pressure from crude oil

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को लगभग स्थिर बंद हुए। विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल के दोबारा बढ़ने और कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों ने

मुंबईः वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को लगभग स्थिर बंद हुए। विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल के दोबारा बढ़ने और कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों ने निवेशकों को बाजार में आक्रामक रुख अपनाने से रोकने का काम किया। बीएसई का 30 शेयर पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 3.11 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 77,725.67 के उच्च और 77,445.86 के निचले स्तर तक गया। इस दौरान इसमें 279.81 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयर वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 20.15 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,252 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, ट्रेंट, मारुति, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और एचसीएल टेक में गिरावट रही। शोध विश्लेषक फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, "बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार सीमित दायरे में रहा। निवेशकों ने बृहस्पतिवार की तेजी को कायम रखने की कोशिश की, लेकिन बाजार को निर्णायक दिशा देने को लेकर उनमें भरोसे की कमी रही।" 

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान गतिरोध ने ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बनाए रखा है और तेल की कीमतें भारत के लिए असहज स्तर पर बनी हुई हैं। अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल में हालिया बढ़ोतरी ने भी अनिश्चितता बढ़ाई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत बढ़कर 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.81 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 0.39 प्रतिशत की बढ़त पर रहा। क्षेत्रवार सूचकांकों में बीमा खंड में 0.94 प्रतिशत की तेजी रही जबकि उपयोगिता खंड में 0.69 प्रतिशत, मिड-स्माल प्राइवेट बैंक खंड में 0.65 प्रतिशत और बिजली खंड में 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। 

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "वैश्विक स्तर पर ऊंचा बॉन्ड प्रतिफल बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की आशंका के बीच अमेरिकी वित्त विभाग के बॉन्ड प्रतिफल कम करने के बावजूद बाजार को टिकाऊ राहत नहीं मिली है।" शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 583.36 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में कुल 468.42 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि एनएसई निफ्टी 114 अंक यानी 0.46 प्रतिशत के नुकसान में रहा। 

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में बंद हुए जबकि जापान का निक्की सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजार मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 628.04 अंक उछलकर 77,537.72 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी लगातार सात दिन की गिरावट के बाद 153.55 अंक बढ़कर 24,231.85 अंक पर बंद हुआ था।  

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!