Global Wheat Rally: वैश्विक बाजार में गेहूं की कीमतों में तेजी, भारत के लिए बढ़ी निर्यात की उम्मीद

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 01:30 PM

surge in global wheat prices boosts export prospects for india

वैश्विक बाजार में गेहूं की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने भारत के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा कर दिए हैं। करीब चार साल के प्रतिबंध के बाद सरकार ने 2026 में 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है। हालांकि अभी तक

बिजनेस डेस्कः वैश्विक बाजार में गेहूं की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने भारत के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा कर दिए हैं। करीब चार साल के प्रतिबंध के बाद सरकार ने 2026 में 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है। हालांकि अभी तक निर्यात की रफ्तार सीमित रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आने से भारतीय गेहूं की मांग बढ़ने लगी है। खासकर बांग्लादेश से भारतीय गेहूं के लिए पूछताछ बढ़ी है।

भारतीय निर्यातकों को फायदा मिलने की उम्मीद 

शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) में पिछले एक महीने के दौरान गेहूं वायदा कीमतों में 14 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में अल नीनो के कारण शुष्क मौसम और उत्पादन घटने की आशंकाओं ने वैश्विक बाजार में गेहूं की कीमतों को सहारा दिया है। इसका सीधा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है।

भारत के पास पर्याप्त गेहूं का भंडार

भारत के पास इस समय गेहूं का पर्याप्त भंडार मौजूद है। केंद्रीय पूल में कुल 5.78 करोड़ टन गेहूं उपलब्ध है, जिसमें पिछले वर्ष का कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक और 2026-27 के रबी विपणन सीजन में हुई 3.58 करोड़ टन खरीद शामिल है। सरकार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), अन्य कल्याणकारी योजनाओं और बफर स्टॉक के लिए करीब 2.85 करोड़ टन गेहूं की आवश्यकता है। इसके बावजूद अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध होने से निर्यात की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है।

सरकार ने अप्रैल 2026 में अतिरिक्त 25 लाख टन गेहूं निर्यात की अनुमति देते हुए कहा था कि इससे बाजार में तरलता बढ़ेगी, भंडारण प्रबंधन बेहतर होगा और खरीद सीजन के दौरान किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने की नौबत नहीं आएगी।

दिल्ली में17% महंगा हुआ गेहूं  

उधर, सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के थोक बाजार में पिछले एक महीने के दौरान गेहूं की कीमतों में करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों को नियंत्रण में रखने और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत अतिरिक्त गेहूं की बिक्री भी करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में मौजूदा तेजी बनी रहती है तो आने वाले महीनों में भारत का गेहूं निर्यात और बढ़ सकता है।
 

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