जेब पर बढ़ने वाला है बोझ! बिस्किट से लेकर पेंट तक होने वाले हैं महंगे

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 12:06 PM

the burden on your pocket is set to rise everything from biscuits

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। बिस्किट, साबुन, खाने का तेल और पेंट जैसे रोजमर्रा के सामान जल्द महंगे हो सकते हैं। बढ़ती लागत के दबाव में FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज...

बिजनेस डेस्कः वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। बिस्किट, साबुन, खाने का तेल और पेंट जैसे रोजमर्रा के सामान जल्द महंगे हो सकते हैं। बढ़ती लागत के दबाव में FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज जैसे घरेलू सामान) बनाने वाली कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने तो पहले ही दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। ‘लाहोरी जीरा’ जैसे ब्रांड ने महीने की शुरुआत से ही चुनिंदा उत्पाद महंगे कर दिए हैं। वहीं, ‘नुवामा इक्विटीज’ की रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य तेल कंपनियों ने कीमतों में 4-5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

फूड कंपनियों पर बढ़ा दबाव

पाम ऑयल महंगा होने से बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी कंपनियां भी इस तिमाही में कीमतें बढ़ा सकती हैं। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से पाम ऑयल की कीमतें कच्चे तेल के साथ ही उतार-चढ़ाव करती रही हैं, जिससे लागत पर सीधा असर पड़ता है।

साबुन कंपनियों की भी बढ़ेंगी मुश्किलें

पाम ऑयल साबुन निर्माण का अहम कच्चा माल है। ऐसे में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और गोदरेज जैसी कंपनियों पर भी लागत का दबाव बढ़ गया है, जिससे वे भी दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

Zydus Wellness के सीईओ तरुण अरोड़ा के अनुसार, कंपनियां लागत बढ़ने से निपटने के लिए छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं यानी कीमत वही रहेगी लेकिन उत्पाद की मात्रा घट सकती है। वहीं बड़े पैक के दाम सीधे बढ़ाए जा सकते हैं।

गैस आधारित प्लांट पर असर

एलपीजी पर निर्भर कई पैक्ड फूड कंपनियों ने उत्पादन घटाया या अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

पेंट इंडस्ट्री भी अछूती नहीं

पेंट उद्योग में इस्तेमाल होने वाला करीब 40% कच्चा माल कच्चे तेल से जुड़ा होता है। ऐसे में बढ़ती क्रूड कीमतों का असर यहां भी दिख रहा है। बर्जर पेंट्स, कंसाई नेरोलैक और JSW डुलक्स पहले ही दाम बढ़ा चुके हैं, जबकि एशियन पेंट्स आने वाले समय में 6-8% तक कीमत बढ़ा सकती है।

मुनाफे पर दबाव के संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और इसका असर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में साफ दिख सकता है।

कुल मिलाकर, कच्चे तेल की तेजी अब सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालने लगी है और आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

 

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