Demat Accounts in India: भारत में डीमैट खातों की संख्या रूस-जापान की आबादी से भी ज्यादा, जुलाई में बना नया रिकॉर्ड

Edited By Updated: 12 Aug, 2025 05:25 PM

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भारत में शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। कोविड-19 के बाद से निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ी है और डिजिटल माध्यम से निवेश आसान होने के कारण बड़ी संख्या में लोग बाजार से जुड़ रहे हैं।

बिजनेस डेस्कः भारत में शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। कोविड-19 के बाद से निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ी है और डिजिटल माध्यम से निवेश आसान होने के कारण बड़ी संख्या में लोग बाजार से जुड़ रहे हैं।

जुलाई 2025 में पहली बार देश में डीमैट खातों की कुल संख्या 20 करोड़ के पार हो गई, जो बांग्लादेश, रूस, जापान और ब्राजील जैसे कई बड़े देशों की आबादी से भी अधिक है। डिपॉजिटरी कंपनियों CDSL और NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में 29.8 लाख नए डीमैट खाते खुले, जिससे कुल संख्या 20.21 करोड़ तक पहुंच गई।

IPO का क्रेज बना वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में आए आकर्षक वैल्यूएशन वाले IPO ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई। भले ही शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा हो, लेकिन प्राइमरी मार्केट में लिस्टिंग गेन के मौके ने नए निवेशकों को जोड़ा। मई से कई मेनबोर्ड और SME IPO लॉन्च हुए, जिनका असर सीधे डीमैट खातों की बढ़ोतरी में दिखा।

वैश्विक रैंकिंग में भारत सातवें स्थान पर

डीमैट खाते शेयरों और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के लिए जरूरी होते हैं। इस मामले में भारत अब दुनिया में सातवें स्थान पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 4.11 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए थे।

स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेजी

2025 की शुरुआत से भारतीय बाजार में जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिकी टैरिफ के कारण अस्थिरता रही। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरावट के दौर में नए निवेशकों के लिए अच्छे अवसर बनते हैं, और यही वजह है कि हाल के महीनों में डीमैट खातों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

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