How India Invests: 'सेविंग से इन्वेस्टमेंट फर्स्ट' की ओर भारत, Mutual Fund इंडस्ट्री में आएगा बूम

Edited By Updated: 09 Dec, 2025 04:05 PM

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म्यूचुअल फंड योजनाओं के तहत प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियां (AUM) वर्ष 2035 तक 300 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। इसी अवधि में प्रत्यक्ष इक्विटी शेयरधारिता 250 लाख करोड़ रुपए पहुंच सकती है। सलाहकार फर्म बेन एंड कंपनी और निवेश मंच ग्रो की...

बिजनेस डेस्कः म्यूचुअल फंड योजनाओं के तहत प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियां (AUM) वर्ष 2035 तक 300 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। इसी अवधि में प्रत्यक्ष इक्विटी शेयरधारिता 250 लाख करोड़ रुपए पहुंच सकती है। सलाहकार फर्म बेन एंड कंपनी और निवेश मंच ग्रो की संयुक्त रिपोर्ट कहती है कि यह बढ़त खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और डिजिटल पहुंच का परिणाम है।

‘हाउ इंडिया इन्वेस्ट्स’ रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दशक में भारतीय परिवारों में म्यूचुअल फंड की पहुंच 10% से दोगुनी होकर 20% तक हो सकती है। रिपोर्ट का मानना है कि MF उद्योग की अगली वृद्धि लहर घरेलू स्वीकार्यता, मजबूत डिजिटल सक्षमता, सहायक नियमन और बढ़ते निवेशक विश्वास से संचालित होगी।

इक्विटी हिस्सेदारी में तेजी को सट्टेबाजी आधारित ट्रेडिंग से दीर्घकालिक निवेश की ओर बदलाव, डिजिटल पैठ और बेहतर बाजार प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।

बेन इंडिया के साझेदार सौरभ त्रेहान ने कहा कि भारतीय परिवार अब पारंपरिक बचत से निवेश-उन्मुख सोच की ओर स्पष्ट रूप से बढ़ रहे हैं। ग्रो के सीओओ हर्ष जैन ने भी यही कहा कि भारतीय अब 'पहले बचत' की जगह 'पहले निवेश' की मानसिकता अपना रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह में रिटेल निवेशक एक प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इससे वित्तीय प्रणाली और व्यवसायों में सात लाख से अधिक नए रोजगार भी पैदा होंगे।
 

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