विदेशी कोषों की निकासी, रुपए में कमजोरी से सेंसेक्स 54 अंक फिसला

Edited By Updated: 15 Dec, 2025 06:27 PM

foreign fund outflows and a weaker rupee led to a 54 point drop

वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 54 अंक की गिरावट रही जबकि निफ्टी 20 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपए में...

मुंबईः वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 54 अंक की गिरावट रही जबकि निफ्टी 20 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट और भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 54.30 अंक यानी 0.06 प्रतिशत फिसलकर 85,213.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 427.34 अंक गिरकर 84,840.32 तक आ गया था लेकिन निचले स्तर पर लिवाली आने से इसने नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 19.65 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,027.30 अंक पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टाइटन और एचडीएफसी बैंक मुख्य रूप से नुकसान में रहीं। दूसरी तरफ, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “विदेशी कोषों की लगातार बिकवाली और कमजोर रुपए के चलते बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर स्पष्टता आने तक रुपए में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।” रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया एक समय डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 90.80 तक लुढ़क गया था। 

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,114.22 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,868.94 करोड़ रुपए की खरीदारी की। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.41 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़त में रहा। क्षेत्रवार सूचकांकों में दूरसंचार खंड में सर्वाधिक 0.90 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि वाहन खंड में 0.87 प्रतिशत एवं विवेकाधीन उपभोक्ता खंड में 0.25 प्रतिशत की नरमी रही। वहीं रोजमर्रा के उपभोग वाले सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों के खंड में 0.56 प्रतिशत की तेजी रही। 

ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, "भारतीय बाजार सत्र की शुरुआत में आई गिरावट से उबरकर लगभग स्थिर बंद हुए। इसके पीछे एफआईआई की लगातार बिकवाली, एशियाई बाजारों में कमजोरी और भारत-अमेरिका व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं की भूमिका रही।" एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान तेजी देखी गई, जबकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.15 प्रतिशत चढ़कर 61.21 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को सेंसेक्स 449.53 अंक की बढ़त के साथ 85,267.66 अंक और निफ्टी 148.40 अंक चढ़कर 26,046.95 अंक पर बंद हुआ था।
 

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