त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का झटका, टूथपेस्ट से पेंट तक महंगे हो सकते हैं सामान, कंपनियां कर रहीं तैयारी

Edited By Updated: 01 Aug, 2026 02:52 PM

toothpaste to paint may get costlier companies prepare

त्योहारी सीजन से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। देश की कई बड़ी कंज्यूमर कंपनियां कच्चे माल और ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी के कारण रोजमर्रा के सामान की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में टूथपेस्ट,...

नई दिल्लीः त्योहारी सीजन से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। देश की कई बड़ी कंज्यूमर कंपनियां कच्चे माल और ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी के कारण रोजमर्रा के सामान की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में टूथपेस्ट, डिटर्जेंट, पेंट, टायर और अन्य सामान महंगे हो सकते हैं। 

कई कंपनियों ने दिए कीमतें बढ़ाने के संकेत

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डोडला डेयरी और एशियन पेंट्स समेत कम से कम सात कंपनियों ने अपने तिमाही नतीजों के बाद कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर के मुख्य वित्त अधिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा कि कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की लागत में लगातार तेजी बनी हुई है। इसी वजह से डिटर्जेंट और डिशवॉशिंग बार जैसे होम केयर उत्पादों में चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाई जाएंगी।

ऊर्जा लागत और महंगाई बना रही दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के कारण ऊर्जा और कच्चे माल की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर कंपनियों की उत्पादन और लॉजिस्टिक लागत पर भी पड़ा है। इसी दबाव के चलते हैवेल्स इंडिया अपने उत्पादों की कीमतें 8 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। वहीं टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के नमक की कीमत भी करीब 7 प्रतिशत बढ़ चुकी है। वित्त मंत्रालय ने भी कहा है कि अब महंगाई का दबाव सिर्फ खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ईंधन और मौसम की वजह से दूसरे उपभोक्ता उत्पाद भी प्रभावित हो रहे हैं।

त्योहारी सीजन और आरबीआई की नजर

अगस्त से नवंबर तक का समय भारत में त्योहारी सीजन माना जाता है और इसी दौरान कई कंपनियों की सालाना बिक्री का करीब एक तिहाई हिस्सा आता है। ऐसे में कंपनियों को उम्मीद है कि मजबूत मांग के कारण वे बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी। 

वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार भी महंगाई के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जून में खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बाद 3 से 5 अगस्त के बीच होने वाली मौद्रिक नीति बैठक के फैसलों पर बाजार की निगाहें टिकी हैं।
 

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