भारत को LPG सप्लाई में UAE सबसे आगे, अमेरिका दूसरे नंबर पर, सितंबर में 182% बढ़ा आयात

Edited By Updated: 10 Oct, 2026 02:48 PM

uae leads in lpg supply to india us ranks second

सितंबर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल LPG आयात में UAE की हिस्सेदारी बढ़कर 39% हो गई, जबकि अगस्त में

नई दिल्लीः सितंबर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल LPG आयात में UAE की हिस्सेदारी बढ़कर 39% हो गई, जबकि अगस्त में यह केवल 13% थी। इस दौरान UAE से आयात 182% बढ़कर 5.47 लाख टन पर पहुंच गया, जो अगस्त में 1.93 लाख टन था।

इस बदलाव के साथ अमेरिका पहले स्थान से खिसककर दूसरे नंबर पर आ गया। पिछले छह महीनों से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बना हुआ था।

अमेरिका से LPG आयात में 58% की गिरावट

सितंबर में अमेरिका से भारत का LPG आयात 58% घटकर 3.23 लाख टन रह गया। अगस्त में भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 53% थी, जो सितंबर में गिरकर 23% पर आ गई।

फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुई बाधाओं ने खाड़ी देशों से भारत की LPG सप्लाई को प्रभावित किया था। इसके बाद अमेरिका भारत के लिए LPG का प्रमुख स्रोत बनकर उभरा। हालांकि, अब खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई में दोबारा सुधार देखने को मिल रहा है।

कुवैत और कतर से भी बढ़ा आयात

सितंबर में UAE के अलावा कुवैत और कतर से LPG आयात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रमुख सप्लायर देशों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • UAE: 5.47 लाख टन, अगस्त के मुकाबले 182% अधिक।
  • अमेरिका: 3.23 लाख टन, 58% की गिरावट।
  • कुवैत: 1,32,544 टन, 15.6% की बढ़ोतरी।
  • कतर: 1,15,340 टन, 76% की बढ़ोतरी।
  • ईरान: 89,000 टन।
  • अल्जीरिया: 24,000 टन।
  • ओमान: 23,000 टन।
  • रिपब्लिक ऑफ कांगो: 23,000 टन।
  • ब्रुनेई: 4,000 टन।

सितंबर में भारत ने सऊदी अरब से LPG का आयात नहीं किया। इस महीने देश का कुल LPG आयात अगस्त के मुकाबले 4% घटकर 13.9 लाख टन रह गया।

होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता अब भी बड़ी चुनौती

भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है। इनमें से करीब 90% आयात पहले होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते खाड़ी देशों से आता था। इस मार्ग पर व्यवधानों ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों की अहमियत बढ़ा दी है।

Kpler के अनुसार, भौतिक बाजार ने उम्मीद से बेहतर मजबूती दिखाई है। ईरान को छोड़कर खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले कच्चे तेल और सऊदी अरब के पश्चिमी तट तथा UAE के पूर्वी तट से होने वाली सप्लाई में सुधार हुआ है। डायवर्ट किए गए वॉल्यूम को शामिल करने पर आपूर्ति का स्तर संघर्ष से पहले के स्तर के करीब पहुंच गया है।
 

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