गीता महोत्सव कार्यक्रम जन सहभागिता के सिद्धांत पर आयोजित होंगे : अमित अग्रवाल

Edited By Updated: 08 Dec, 2021 02:53 PM

gita mahotsav program

गीता जयंती कार्यक्रम को लेकर तैयारियों की समीक्षा

चंडीगढ़, (बंसल): मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डा. अमित अग्रवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव प्रदेश में जनसहभागिता के सिद्धांत पर आयोजित किया जाएगा, कोई भी पर्व तभी सफल हो सकता है जब जनता मन से जुड़े। इसलिए जनसहभागिता का होना बहुत 
जरूरी है।


उन्होंने यह बात मंगलवार को यहां सभी जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रैंस से हुई बैठक के दौरान कही। उन्होंने जिला स्तर पर आयोजित होने वाले गीता जयंती कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। इसके अलावा गीता जयंती के दौरान सभी कार्यक्रमों का आयोजन जन सहभागिता के सिद्धांत और पवित्र गीता की मर्यादा के अनुरूप किया जाए। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी विजय दहिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी संजय भसीन वर्चुअल माध्यम से जुड़े।  अग्रवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र में 48 कोस परिक्रमा में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन 48 कोसी तीर्थ के अंतर्गत आने वाले 164 स्थानों से हरेक से 4 से 5 व्यक्ति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ‘48 कोस सम्मेलन’ में भाग लेंगे।


जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह मनाया जाएगा 
अग्रवाल ने कहा कि 12 से 14 दिसम्बर तक प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा, जिसमें 6 कार्यक्रम, गीता सैमीनार, हवन एवं गीता पाठ, स्कूली छात्रों द्वारा पेंटिंग व अन्य शैक्षणिक प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी, नगर शोभा यात्रा, श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत एवं भगवान श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में 50 स्कूलों के 50-50 छात्रों द्वारा गीता के श्लोकों का उच्चारण किया जाएगा। 

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