होली के मौके पर पुष्कर के टैटू आर्टिस्ट जिमी कल्याणा की आध्यात्मिक टैटू कला ने विदेशी पर्यटकों को किया आकर्षित

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 12:34 PM

pushkar tattoo artist jimmy kalyana tattoo art attracts foreign tourists holi

रंगों के त्योहार Holi के अवसर पर राजस्थान के पवित्र तीर्थस्थल Pushkar में इस बार आध्यात्मिकता और कला का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां के युवा टैटू आर्टिस्ट जिमी कल्याणा अपनी आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़े टैटू डिज़ाइनों के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के...

नेशनल डेस्क: रंगों के त्योहार Holi के अवसर पर राजस्थान के पवित्र तीर्थस्थल Pushkar में इस बार आध्यात्मिकता और कला का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां के युवा टैटू आर्टिस्ट जिमी कल्याणा अपनी आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़े टैटू डिज़ाइनों के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। जिमी की खासियत यह है कि वे हर टैटू को केवल एक डिज़ाइन नहीं मानते, बल्कि उसे व्यक्ति की भावनाओं, आस्था और जीवन के अनुभवों से जोड़कर तैयार करते हैं।

हाल ही में यूनाइटेड किंगडम से आई एक पर्यटक लूना ने पुष्कर की यात्रा के दौरान जिमी कल्याणा से एक विशेष आध्यात्मिक टैटू बनवाया। लूना का कहना था कि वह अपने जीवन में मजबूती, संतुलन और आंतरिक शक्ति का प्रतीक अपने साथ रखना चाहती हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए जिमी ने उनके लिए एक अनोखा टैटू डिज़ाइन तैयार किया, जिसमें कमल, त्रिशूल और अनुलोम से प्रेरित रेखात्मक प्रतीक शामिल किए गए।

टैटू में बना कमल का फूल भगवान ब्रह्मा से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है, जो सृजन, पवित्रता और नए आरंभ का संकेत देता है। वहीं त्रिशूल भगवान शिव की शक्ति, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक है। जिमी कल्याणा के अनुसार, जब ये दोनों प्रतीक एक साथ आते हैं तो यह जीवन में शक्ति और शांति के संतुलन को दर्शाते हैं।

टैटू के नीचे बनाई गई प्रवाहमयी रेखा अनुलोम से प्रेरित आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाती है, जिसे कई लोग जीवन की निरंतर यात्रा और भीतर की शक्ति का प्रतीक मानते हैं। इस पूरे डिज़ाइन को जिमी ने अपने फ्रीहैंड आर्ट स्टाइल में तैयार किया, जिससे टैटू न केवल सुंदर दिखता है बल्कि उसका हर हिस्सा एक गहरा आध्यात्मिक अर्थ भी रखता है।

जिमी कल्याणा बताते हैं कि पुष्कर जैसे आध्यात्मिक शहर में काम करना उनके लिए एक विशेष अनुभव है। यहां आने वाले कई विदेशी पर्यटक भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक प्रतीकों से प्रभावित होते हैं और उसी प्रेरणा को अपने शरीर पर स्थायी कला के रूप में अपनाना चाहते हैं। यही कारण है कि जिमी के पास देश के साथ-साथ विदेशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

अपने अनोखे दृष्टिकोण और व्यक्तिगत डिज़ाइन शैली के कारण जिमी कल्याणा आज पुष्कर में एक अलग पहचान बना रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि हर टैटू केवल एक चित्र न होकर उस व्यक्ति की कहानी और भावनाओं को भी दर्शाए। यही वजह है कि उनकी आध्यात्मिक टैटू कला को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिलने लगी है।

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