Holi 2026: होली पर इस साल कारोबारियों की होगी बल्ले-बल्ले, 80 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है कारोबार!

Edited By Updated: 22 Feb, 2026 09:26 PM

bumper earnings are expected in the market on holi

इस साल रंगों का त्योहार होली देशभर के व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। Confederation of All India Traders (कैट) के मुताबिक, इस बार होली के मौके पर देशभर में 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है।पिछले साल यह आंकड़ा...

नेशनल डेस्कः इस साल रंगों का त्योहार होली देशभर के व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। Confederation of All India Traders (कैट) के मुताबिक, इस बार होली के मौके पर देशभर में 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है।पिछले साल यह आंकड़ा करीब 60 हजार करोड़ रुपये था। यानी इस बार लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बाजार से चीनी उत्पाद लगभग गायब

प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। पहले होली के बाजारों में चीनी पिचकारियों और सस्ते आयातित सामान की भरमार होती थी, लेकिन 2021 के बाद हालात तेजी से बदले हैं। अब बाजारों में स्वदेशी उत्पादों का दबदबा है। देसी कारीगरों द्वारा बनाई गई पिचकारियां, गुब्बारे और अन्य सामान खूब बिक रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों को सीधा फायदा मिल रहा है। ग्राहक अब भारत में बने प्राकृतिक रंग, हर्बल गुलाल, चंदन और पूजा सामग्री को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी सामान पर निर्भरता कम होने से स्थानीय कारोबारियों में खुशी है।

हर्बल रंगों और खास कपड़ों की बढ़ी मांग

लोग अब अपनी त्वचा और सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं। इसी वजह से केमिकल वाले पक्के रंगों की जगह हर्बल और प्राकृतिक रंगों की मांग तेजी से बढ़ी है। बच्चों के बीच सुपरहीरो और कार्टून किरदारों वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रंगों के साथ-साथ कपड़ों के बाजार में भी भारी तेजी देखी जा रही है। सफेद टी-शर्ट, पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और सलवार-सूट की जमकर खरीदारी हो रही है। ‘हैप्पी होली’ प्रिंटेड टी-शर्ट की भी अच्छी बिक्री हो रही है। इसके अलावा फर्निशिंग फैब्रिक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और अन्य घरेलू सामान की बिक्री भी बढ़ी है।

दिल्ली के बाजारों में सबसे ज्यादा रौनक

राजधानी दिल्ली में व्यापारिक गतिविधियां चरम पर हैं। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, सिर्फ दिल्ली में ही करीब 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। शहर के थोक और खुदरा बाजार ग्राहकों से भरे हुए हैं। मिठाई की दुकानों पर पारंपरिक गुजिया की मांग बहुत ज्यादा है। गुजिया की मालाएं और ड्राई फ्रूट्स के पैकेट तेजी से बिक रहे हैं। किराना, एफएमसीजी उत्पाद, फल-फूल और गिफ्ट आइटम्स की दुकानों पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

होली मिलन समारोहों से सर्विस सेक्टर को फायदा

होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि मेलजोल और सामाजिक कार्यक्रमों का भी त्योहार है। देशभर में बड़े पैमाने पर होली मिलन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में ही करीब तीन हजार से ज्यादा ऐसे कार्यक्रम होने का अनुमान है। इन आयोजनों से बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, रेस्टोरेंट और पार्क लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को इससे भारी फायदा मिल रहा है।

कब है होलिका दहन और रंगों की होली?

इस साल 3 मार्च को होलिका दहन होगा और 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। कुल मिलाकर, इस बार होली न केवल खुशियों और रंगों का त्योहार होगी, बल्कि व्यापारियों के लिए बड़ी आर्थिक रौनक भी लेकर आएगी।

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