Edited By Pardeep,Updated: 05 Mar, 2026 10:04 PM

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कई तेल टैंकर समुद्र में ही खड़े हैं और आगे...
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कई तेल टैंकर समुद्र में ही खड़े हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
इसी बीच ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने गुरुवार को कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल United States, Israel, Europe और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद किया है। यानी अन्य देशों के जहाजों को फिलहाल गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। इसे भारत के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण भारत के कई तेल ले जाने वाले जहाज भी समुद्र में फंसे हुए हैं।
दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। लेकिन ईरान-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। सैकड़ों तेल टैंकर समुद्र में कतार लगाकर खड़े हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
पहले चीन के जहाजों को दी थी छूट
इससे पहले ईरान ने घोषणा की थी कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के कारण वह होर्मुज से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं देगा। हालांकि बाद में Tehran की ओर से संकेत दिया गया कि केवल China के झंडे वाले जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा था कि यह कदम मिडिल ईस्ट के विवाद में बीजिंग के रुख के प्रति आभार जताने के तौर पर उठाया गया है।
भारत को तेल और गैस देने के लिए कई देश तैयार
इधर भारत के लिए एक और राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक देश में LPG और LNG की फिलहाल कोई कमी नहीं है और भंडार को लगातार भरा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। साथ ही Australia और Canada ने भी भारत को गैस सप्लाई करने की पेशकश की है। सरकार ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अन्य विकल्पों की भी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि भारत की सक्रिय कूटनीति के कारण ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है, ताकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बावजूद देश में तेल और गैस की कमी न हो।