Edited By Tanuja,Updated: 05 Mar, 2026 01:06 PM

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छठे दिन और तेज हो गया। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत डुबोने के बाद ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए। संघर्ष में ईरान में 1,000 से ज्यादा, लेबनान में 70 और इजराइल में 12 लोगों की मौत हो...
International Desk: पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का गुरुवार को छठा दिन है और संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने के बाद ईरान ने तड़के इजराइल को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं। ईरान ने साथ ही पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को नष्ट करने की चेतावनी भी दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि मंगलवार रात हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया है।
“भारत का मेहमान था जहाज”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले को “समुद्र में अत्याचार” बताया। उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत भारत की नौसेना का मेहमान था और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित माना जा रहा था। अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि“अमेरिका ने समुद्र में एक खतरनाक मिसाल कायम की है। उसे इसका कड़वा पछतावा होगा।”
87 नौसैनिक मारे गए
बताया जा रहा है कि जहाज पर लगभग 130 नौसैनिक मौजूद थे। हमले में 87 नौसैनिक मारे गए जबकि 32 को बचाया गया। यह घटना युद्ध को और अधिक भड़काने वाली साबित हुई। इस घटना के बाद ईरान ने इजराइल की ओर कई मिसाइलें दागीं।इजराइल ने कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं और अधिकांश मिसाइलों को रोका जा रहा है। हालांकि तड़के कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।इजराइल ने इसके साथ ही हिजबुल्ला के ठिकानों पर लेबनान में नए हवाई हमले भी शुरू कर दिए।
युद्ध में अब तक कितनी मौतें
संघर्ष के दौरान भारी जनहानि हुई है।
- ईरान: 1,045 से अधिक मौतें
- लेबनान: 70 से अधिक
- इजराइल: लगभग 11–12 लोग
- अमेरिका: 6 सैनिक
ईरान के फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरंस अफेयर्स ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है।
खामेनेई का शोक समारोह भी टला
संघर्ष की तीव्रता इतनी अधिक है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को भी स्थगित करना पड़ा। उनकी मृत्यु युद्ध की शुरुआत में ही हुई थी। 1989 में उनके पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए थे। ईरान के अर्द्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने क्षेत्रीय सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। इसके बाद कई देशों ने सुरक्षा बढ़ा दी है।