Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Jun, 2026 01:15 PM

हिंदू धर्म में कालाष्टमी का बहुत खास महत्व है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव जी को समर्पित है।
Adhik Maas Kalashtami Ke Upay : हिंदू धर्म में कालाष्टमी का बहुत खास महत्व है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ काल भैरव की पूजा करने और उपवास रखने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती है और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही यह भी मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा के साथ कुछ खास उपायों को करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और काल भैरव जल्द प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
सरसों के तेल का दीपक
कालाष्टमी के दिन कालभैरव को जल्द प्रसन्न करने के लिए उनके समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं और "ॐ कालभैरवाय नमः" मंत्र का जाप करें। क्योंकि सरसों का तेल शनि और भैरव जी दोनों को ही बेहद प्रिय है। इस उपाय को करने से भय, शत्रु बाधा और जीवन के हर प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
काले कुत्ते को रोटी खिलाएं
कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि भगवान कालभैरव का मुख्य वाहन काला कुत्ता माना गया है। इस दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाने से कुंडली में स्थित राहु और केतु के अशुभ प्रभाव तुरंत शांत होते हैं।

कालभैरव अष्टकम का पाठ करें
कालाष्टमी की शाम के समय घर के मंदिर में या किसी शिव मंदिर में जाकर दीपक जलाएं और कालभैरव अष्टकम का पाठ करें। इस चालीसा का पाठ करने से घर का वास्तु दोष और आपके जीवन का हर डर हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।

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