Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jan, 2026 09:58 AM

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह पर औपचारिक रूप से ‘चादर’ चढ़ाने से रोकने का निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई...
नई दिल्ली (प.स.): सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह पर औपचारिक रूप से ‘चादर’ चढ़ाने से रोकने का निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए सोमवार को कहा कि यह मुद्दा तर्कसंगत नहीं है।
इस याचिका में केंद्र सरकार और उसके संस्थानों द्वारा इस्लामी विद्वान ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर दरगाह को राज्य प्रायोजित औपचारिक सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता प्रदान करने को भी चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्त्ता जितेंद्र सिंह और अन्य की ओर से पेश हुए अधिवक्ता बरुन सिन्हा ने कहा कि मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा ‘चादर’ चढ़ाने की प्रथा तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा 1947 में शुरू की गई थी और यह तब से बिना किसी कानूनी या संवैधानिक आधार के जारी है।