Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 May, 2026 10:09 AM

इस साल 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य और चाक-चौबंद रहेगी। अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
जम्मू (कमल): इस साल 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य और चाक-चौबंद रहेगी। अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एम.एच.ए.) ने सुरक्षा के लिए 670 अर्धसैनिक बलों (सी.ए.पी.एफ.) की कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। यह तैनाती जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक सुनिश्चित की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं का कोई बाल भी बांका न कर सके।
जानकारी के अनुसार अमरनाथ यात्रा को अभेद्य सुरक्षा देने के लिए गृह मंत्रालय और भारतीय सेना ने एक विस्तृत सुरक्षा चक्र (मल्टी लेयर सिक्योरिटी ग्रिड) तैयार किया है, जिसमें 670 से अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती शामिल है। इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में कई अहम स्थानों को फोकस में रखा गया है।
बेस कैंप नुनवान-पहलगाम और बालटाल बेस कैम्प, जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास को थ्री-टियर सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जबकि जम्मू-पठानकोट और जम्मू-श्रीनगर हाईवे को पूरी तरह से सुरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के आसपास के इलाकों में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। रेलवे ट्रैक पर विशेष निगरानी की जाएगी।
हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत ट्रेनों के सुरक्षित आवागमन के लिए जम्मू-श्रीनगर रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा एजैंसियों का खास फोकस रहेगा। ऊधमपुर, कटड़ा, रियासी, बनिहाल और काजीगुंड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों और मार्गों पर सुरक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान की जाएगी।