Edited By Sarita Thapa,Updated: 24 Sep, 2026 04:19 PM

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का बहुत खास महत्व है। हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का महापर्व मनाया जाता है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना लिए समर्पित है।
Anant Chaturdashi 2026 Date : हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का बहुत खास महत्व है। हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का महापर्व मनाया जाता है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना लिए समर्पित है। इस दिन 10 दिनों से चले आ रहे गणेश उत्सव का भी समापन होता है और गणपति बप्पा का विसर्जन भी किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन और पूरे विधि-विधान के साथ देवों के देव महादेव और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं अनंत चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-
अनंत चतुर्दशी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल अनंत चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर, गुरुवार के दिन रात में 11 बजकर 17 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 25 सितंबर, शुक्रवार को रात के 11 बजकर 08 मिनट पर चतुर्दशी तिथि पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा।

अनंत चतुर्दशी 2026 योग व नक्षत्र
रवि योग: सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक।
शूल योग: सुबह से दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक।
शतभिषा नक्षत्र: सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक।
अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
माना जाता है कि जब पांडव जुए में सब कुछ हारकर वनवास काट रहे थे, तब श्री कृष्ण के सुझाव पर युधिष्ठिर ने अपने परिवार के साथ अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा था। इस व्रत के प्रभाव से पांडवों को उनका खोया हुआ राज्य और मान-सम्मान वापस मिला। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है और जीवन में आने वाली हर परेशानी से छिटकारा मिलता है।

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