Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Jun, 2026 02:33 PM

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर की गई जिसमें अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष एवं समय-सीमा के भीतर जांच का अनुरोध किया गया है।
नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर की गई जिसमें अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष एवं समय-सीमा के भीतर जांच का अनुरोध किया गया है। वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) की अगुवाई वाले विशेष जांच दल को ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के कामकाज और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य ‘गैर-कानूनी कार्यों’ की जांच करनी चाहिए।
याचिका में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और न्यास को ऐसी नियामक, पर्यवेक्षी तथा लेखा-परीक्षण प्रणाली बनाने और उन्हें लागू करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया, जो जनहित की रक्षा करने और लाखों श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी हों।
उधर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि मामले को विशेष प्राथमिकता देने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य सरकार इस मुद्दे का संज्ञान ले चुकी है, इसलिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं दिखती।