Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Jul, 2026 09:22 AM

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने मंगलवार को स्वीकार किया कि अयोध्या के राम मंदिर में निगरानी व्यवस्था में कुछ चूक हुई। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि लगभग 3 करोड़ रुपए की चोरी हुई है।
पुणे (एजैंसी) : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने मंगलवार को स्वीकार किया कि अयोध्या के राम मंदिर में निगरानी व्यवस्था में कुछ चूक हुई। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि लगभग 3 करोड़ रुपए की चोरी हुई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कोषाध्यक्ष के तौर पर नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से खुद को दोषी नहीं मानते, लेकिन जिम्मेदारी का दायित्व मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मेरी कोई गलती है। लेकिन चूंकि मेरा नाम कोषाध्यक्ष के पद से जुड़ा है, इसलिए मुझे इस बात का गहरा अफसोस है कि ऐसा हुआ।’
सोने समेत दान में मिली चीजों के गायब होने संबंधी आरोपों पर उन्होंने कहा कि कई खबरों में इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। 1,400 करोड़ रुपए मूल्य का चढ़ावा गायब होने संबंधी खबरें पूरी तरह झूठी हैं। चोरी की रकम के बारे में पूछे जाने पर गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि उनके व्यक्तिगत अनुमान के अनुसार यह राशि करीब 3 करोड़ रुपए हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्तीफा संबंधी खबरें दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि मैं इस्तीफा दूंगा।’ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा है। उन्होंने कहा कि चंपत राय की लापरवाही की वजह से यह स्थिति बनी और इस्तीफा देने से पहले उन्हें इसका एहसास हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में दखल नहीं देगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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