Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Jul, 2026 10:25 AM

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि विवाद के बाद कार्य व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।
अयोध्या (इंट.): राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि विवाद के बाद कार्य व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। 2 शिफ्टों की जगह अब एक ही शिफ्ट में काम कराया जा रहा है, ड्यूटी का समय 6 घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे कर दिया गया है और मेहनताना व छुट्टियों में भी कटौती की गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें प्रतिमाह 14,755 रुपए मेहनताना मिलता था, लेकिन अब भुगतान अलग-अलग किया जा रहा है। उन्होंने एस.बी.आई. तुलसी उद्यान शाखा, कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजैंसी और संबंधित अधिकारियों से अपनी आपत्तियां दर्ज करवाईं, लेकिन मांगें नहीं मानी गईं। इसके बाद 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद चढ़ावे की गिनती के लिए केवल 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे, जिससे व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। चढ़ावा चोरी मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। अब दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों को ‘बिना जेब वाले कपड़े’ पहनना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पुलिस से सत्यापित चरित्र प्रमाणपत्र जमा करना और अन्य सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन भी आवश्यक किया गया है। उधर, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने मणिराम छावनी मंदिर जाकर मुलाकात की। उनके साथ गोपाल राव भी मौजूद थे। पद मिलने के बाद पहली बार कृष्ण मोहन अध्यक्ष से मुलाकात करने के लिए मंदिर पहुंचे थे और एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर वार्तालाप भी की । इस मुलाकात को भी इसी सामूहिक इस्तीफा प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
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