Brahma Muhurta: क्या आपकी भी ब्रह्म मुहूर्त में 3 से 4 बजे के बीच नींद खुलती है? समझे प्रकृति के इशारे

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 01:30 PM

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Brahma Muhurta: कई लोगों की नींद सुबह 3 से 4 बजे के बीच अचानक खुल जाती है। अधिकांश लोग इसे सामान्य मानकर दोबारा सो जाते हैं, लेकिन धार्मिक और योग परंपराओं में इस समय का विशेष महत्व बताया गया है। हिंदू धर्मग्रंथों और योग शास्त्रों के अनुसार यह समय...

Brahma Muhurta: कई लोगों की नींद सुबह 3 से 4 बजे के बीच अचानक खुल जाती है। अधिकांश लोग इसे सामान्य मानकर दोबारा सो जाते हैं, लेकिन धार्मिक और योग परंपराओं में इस समय का विशेष महत्व बताया गया है। हिंदू धर्मग्रंथों और योग शास्त्रों के अनुसार यह समय ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत का होता है, जिसे साधना, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वोत्तम माना गया है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस समय नींद खुलने के पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं धार्मिक मान्यताओं और संभावित वैज्ञानिक कारणों के आधार पर ऐसा होने का अर्थ।

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क्या है ब्रह्म मुहूर्त?
हिंदू परंपरा के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का समय होता है। आमतौर पर यह सुबह 3:30 से 4:30 बजे के बीच पड़ता है (स्थान और मौसम के अनुसार समय बदल सकता है)। इस समय वातावरण शांत, शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय जागकर ध्यान, जप और साधना करने से मन और बुद्धि का विकास होता है।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 3–4 बजे नींद खुलने का अर्थ
सकारात्मक ऊर्जा का संचार

योग ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि जब व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, तो उसकी नींद स्वाभाविक रूप से ब्रह्म मुहूर्त में खुल सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को थकान महसूस नहीं होती और मन प्रसन्न रहता है। इसे जीवन में संतुलन और सही दिशा का संकेत माना जाता है।

दिव्य शक्तियों का मार्गदर्शन
कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की नींद नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में खुलती है, तो इसे दिव्य संकेत माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि यह समय आत्मचिंतन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत देता है।

आध्यात्मिक जागृति
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह समय आत्म-साक्षात्कार और चेतना के जागरण का माना गया है। संत और साधु-संत इसी समय साधना करते हैं। मान्यता है कि इस समय ध्यान करने से एकाग्रता, स्मरण शक्ति और विवेक में वृद्धि होती है।

ईश्वर का आशीर्वाद
धार्मिक विश्वास है कि ब्रह्म मुहूर्त में ब्रह्मांड में ईश्वरीय चेतना विशेष रूप से सक्रिय होती है। इसलिए इस समय नींद खुलना ईश्वर की कृपा या पूर्व जन्म के शुभ कर्मों का फल भी माना जाता है। इस दौरान अपने इष्ट देव का स्मरण और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।

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वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 3 से 4 बजे के बीच नींद खुलने के पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं-

नींद चक्र (Sleep Cycle): हमारी नींद 90 मिनट के चक्रों में चलती है। इस दौरान हल्की नींद के चरण में जागना सामान्य है।

तनाव और चिंता: मानसिक तनाव या चिंता के कारण इस समय कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे नींद टूट सकती है।

जीवनशैली और दिनचर्या: देर रात तक जागना, मोबाइल का अधिक उपयोग या अनियमित दिनचर्या भी नींद को प्रभावित करती है।

उम्र और हार्मोनल बदलाव: बढ़ती उम्र के साथ नींद का पैटर्न बदलना सामान्य है।

यदि नींद टूटने के बाद दोबारा नींद न आए या दिनभर थकान महसूस हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

क्या करें अगर आपकी नींद 3–4 बजे खुलती है?
यदि आप तरोताजा महसूस करते हैं, तो इस समय का उपयोग ध्यान, योग या प्राणायाम के लिए कर सकते हैं।
यदि थकान या बेचैनी हो रही है, तो अपनी नींद की आदतों और तनाव स्तर की समीक्षा करें।
नियमित नींद का समय तय करें और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें।

सुबह 3 से 4 बजे के बीच नींद खुलना धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त की विशेषता और आध्यात्मिक संकेत माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसे नींद चक्र और मानसिक स्थिति से जोड़कर देखता है।

यह व्यक्ति विशेष की शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अवस्था पर निर्भर करता है कि वह इसे किस रूप में अनुभव करता है। यदि यह स्थिति सकारात्मक ऊर्जा और शांति के साथ जुड़ी है, तो इसे आत्म-विकास का अवसर माना जा सकता है। वहीं यदि इससे असुविधा हो रही है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।   

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