Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Sep, 2026 11:37 AM

ब्रज क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व और धार्मिक परंपराओं के समग्र अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भारतीय पुरातत्व परिषद(एएसआई) और ब्रिसेक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच ब्रज की खोज परियोजना के लिए करार हुआ।
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): ब्रज क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व और धार्मिक परंपराओं के समग्र अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भारतीय पुरातत्व परिषद(एएसआई) और ब्रिसेक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच ब्रज की खोज परियोजना के लिए करार हुआ।
इस पहल का उद्देश्य ब्रज क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसे संरक्षित करना और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से प्रस्तुत करना है। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व परिषद के उपाध्यक्ष एवं महासचिव प्रो. डॉ. बी.आर. मणि तथा ब्रिसेक के चेयरमैन डॉ. हृदय चावला, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ. सुरेश सोनी, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय रहे। इस परियोजना का संचालन भारतीय पुरातत्व परिषद के पुरातात्विक एवं अकादमिक अनुभव तथा ब्रिसेक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संस्थागत, वित्तीय एवं अवसंरचनात्मक सहयोग से किया जाएगा।
ब्रज क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में सहयोगात्मक प्रयासों को गति देने का आधार बनेगा। मथुरा तथा इसके आसपास के उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के क्षेत्रों में प्राचीन काल से ही विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक गतिविधियों और ऐतिहासिक घटनाक्रमों का प्रभाव रहा है।