Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि में 20 घंटे होंगे मां विंध्यवासिनी के दर्शन, चरण स्पर्श पर रोक, चार पहर आरती का होगा आयोजन

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 07:38 AM

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Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्र मेले के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान मंदिर के कपाट पूरे 24 घंटे खुले रहेंगे, हालांकि चारों पहर होने वाली आरती के समय एक-एक घंटे के लिए मंदिर बंद किया...

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Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्र मेले के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान मंदिर के कपाट पूरे 24 घंटे खुले रहेंगे, हालांकि चारों पहर होने वाली आरती के समय एक-एक घंटे के लिए मंदिर बंद किया जाएगा। इस तरह श्रद्धालु लगभग 20 घंटे तक मां विंध्यवासिनी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार, मेले के दौरान भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मां के चरण स्पर्श पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नवरात्र के समय मां विंध्यवासिनी का शयन भी नहीं कराया जाएगा।

मंदिर में होने वाली चार प्रमुख आरतियों का समय भी तय कर दिया गया है। मंगला आरती सुबह 3 बजे से 4 बजे तक, राजश्री आरती दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक, संध्या आरती शाम 7 बजे से 8 बजे तक और बड़ी आरती रात 9:30 बजे से 10:30 बजे तक होगी। पंडा समाज के मंत्री भानू पाठक ने भी पुष्टि की है कि नवरात्र मेले के दौरान चरण स्पर्श पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।

तैयारियों की रफ्तार धीमी, कई जगह गंदगी

चैत्र नवरात्र मेले में अब केवल नौ दिन का समय बचा है, लेकिन कई जरूरी तैयारियां अभी अधूरी दिखाई दे रही हैं। स्टेशन मार्ग से लेकर मां विंध्यवासिनी मंदिर और गंगा घाटों की ओर जाने वाली गलियों में कई जगह मलबा और कूड़ा जमा है। अभी तक प्रमुख गलियों और घाटों की सफाई भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।

मेला क्षेत्र में शुद्ध पेयजल और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी कई जगह दिखाई नहीं दे रही है। मंदिर तक जाने वाले कुछ रास्ते भी खराब हालत में हैं और उनकी मरम्मत का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

भट्ट की गली, सेंट्रल बैंक गली, नाहर की गली, त्रिमुहानी गली, पश्चिम मुहाल गली, रामजी की गली, बावली गली और कोतवाली गली सहित कई स्थानों पर नाले और नालियां जाम हैं। गलियों में फैले कूड़े के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। रोडवेज और निजी बस स्टैंड परिसर में भी गंदगी की समस्या बनी हुई है। वहीं अष्टभुजा पहाड़ क्षेत्र में भी अभी तक पर्याप्त तैयारियां शुरू नहीं हो पाई हैं।

इस बार सिर्फ तीन घाटों पर ही स्नान की सुविधा
विंध्याचल क्षेत्र के कई गंगा घाटों पर इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण इस बार नवरात्र के दौरान श्रद्धालु छह घाटों पर गंगा स्नान नहीं कर पाएंगे। इमली घाट, गुदारा घाट, परशुराम घाट, भैरो घाट, बाबू घाट, देवी घाट और चिकना टोला घाट पर स्नान पर रोक रहेगी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए दिवान घाट, पक्का घाट और अखाड़ा घाट पर ही स्नान की व्यवस्था की जाएगी।

24 घंटे बिजली आपूर्ति की तैयारी
नवरात्र मेले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग ने भी काम शुरू कर दिया है। विंध्याचल, काली खोह और अष्टभुजा धाम फीडरों पर मरम्मत और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इसके तहत ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत, पुराने तारों को ठीक करना और बिजली लाइनों के पास लगे पेड़ों की टहनियां काटने का कार्य चल रहा है।

बिजली विभाग के अनुसार मेले के दौरान पूरे 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना है।

अस्थायी शौचालय, पानी और प्रकाश की होगी व्यवस्था
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर विंध्याचल ने भी मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार करीब 34 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल सकें। पानी की व्यवस्था के लिए खराब टैंकरों की मरम्मत की जाएगी और 38 स्टैंड पोस्ट व पैडस्थलों की मरम्मत व सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा पाइपलाइन सुधार, अस्थायी प्याऊ, हैंडपंपों की मरम्मत और पानी की टंकियों की सफाई का काम भी कराया जाएगा।
इसके साथ ही मेला क्षेत्र में अस्थायी शौचालय, रोशनी और ध्वनि प्रसारण की व्यवस्था भी की जाएगी। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि नवरात्र शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

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