Edited By Sarita Thapa,Updated: 04 May, 2026 12:59 PM

हिंदू धर्म हर एक एकादशी का अपना एक खास महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। किसी भी महीने में दो एकादशी तिथियां होती हैं, जिसमें से पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है।
Ekadashi May 2026 : हिंदू धर्म हर एक एकादशी का अपना एक खास महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। किसी भी महीने में दो एकादशी तिथियां होती हैं, जिसमें से पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। पूरे साल में 24 एकादशियां मनाई जाती हैं। माना जाता है कि एकादशी के दिन पूरे विधि-विधान के साथ श्री हरि की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं। मई के महीने में भी दो एकादशी तिथियां पड़ रही हैं अपरा और पद्मिनी एकादशी। तो आइए जानते हैं इन दोनों एकादशी के तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में-
अपरा एकादशी मई 2026
एकादशी तिथि शुरू- 12 मई 2026, दोपहर 2 बजकर 52 मिनट
एकादशी तिथि समाप्त - 13 मई 2026, दोपहर 1 बजकर 29 मिनट
पारण का समय - 14 मई 2026, सुबह 5 बजकर 31 मिनट से 8 बजकर 14 मिनट तक
द्वादशी समाप्ति - 14 मई 2026, रात 1 बजकर 20 मिनट
पद्मिनी एकादशी मई 2026
एकादशी तिथि शुरू- 26 मई 2026, सुबह 5 बजकर 10 मिनट
एकादशी तिथि समाप्त- 27 मई 2026, सुबह 6 बजकर 21 मिनट
पारण का समय- 28 मई 2026, सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट तक
द्वादशी समाप्ति- 28 मई 2026, सुबह 7 बजकर 56 मिनट

एकादशी की पूजा विधि
एकदाशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारम करें और व्रत का संकल्प लें।
उसके बाद धर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
फिर एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर विष्णु जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
अब विष्णु जी को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर चंदन का तिलक लगाएं और पीले फूल व तुलसीदल अर्पित करें।
इसके बाद श्री हरि के मंत्रों और नामों का जाप। उन्हें सूखे मेवे या घर की बनी मिठाई अर्पित करें।
अंत में विष्णु जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें।

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