Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Sep, 2026 08:35 AM

ढोल-नगाड़ों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच सोमवार को राजधानी में गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रमुख मंदिरों में विघ्नहर्ता गणेश की विधिवत स्थापना के साथ पूजा-अर्चना और आरती हुई, वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में गणपति को विराजमान...
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): ढोल-नगाड़ों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच सोमवार को राजधानी में गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रमुख मंदिरों में विघ्नहर्ता गणेश की विधिवत स्थापना के साथ पूजा-अर्चना और आरती हुई, वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में गणपति को विराजमान कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई भक्तों ने दिनभर उपवास रखकर गणेश जी की आराधना की। दूसरी ओर हरितालिका तीज के चलते मंदिरों में सुहागिन महिलाओं की भीड़ रही। शिव-पार्वती की पूजा के साथ महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की। राजधानी के मंदिरों में सोमवार को गणेशोत्सव और तीज की भक्ति का दोहरा रंग नजर आया।
मंदिरों में गणपति पूजन, गूंजे जयकारे: झंडेवाला देवी मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर), छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर, कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, इस्कॉन ईस्ट ऑफ कैलाश, इस्कॉन द्वारका, प्रीत विहार, रोहिणी और करोलबाग के प्रमुख गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से विघ्नहर्ता गणेश का पूजन किया। मंदिरों में गणेश प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर फूलों से सजावट की गई और लड्डू सहित विभिन्न मिष्ठानों का भोग लगाया गया। कई मंदिरों में सुबह से ही विशेष मंत्रोच्चार, गणेश आरती और प्रसाद वितरण हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर शाम को पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोला। मंदिर परिसरों में दिनभर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और विघ्नों के निवारण की कामना की।
भव्य शोभायात्रा:झंडेवाला देवी मंदिर में गणेश उत्सव की शुरुआत विशेष आयोजन के साथ हुई। मंदिर के अतिरिक्त प्रबंधक रविंद्र गोयल के अनुसार, सुबह नौ बजे गणपति जी की प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों महिला सेवादारों ने भाग लिया, जबकि रंग-बिरंगी पगड़ी पहने पुरुष सेवादार मराठा बैंड की धुन पर उत्साह के साथ नृत्य करते नजर आए। सुबह 10 बजे गणपति जी की विधिवत स्थापना की गई। इसके बाद यजमान ने पूजन और आरती की। मंदिर में गणपति जी का भव्य दरबार सजाया गया।
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