Edited By Niyati Bhandari,Updated: 17 Jan, 2026 08:54 AM

Panchak 2026 Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक विशेष समय माना गया है। सनातन धर्म में भद्रा काल की तरह ही पंचक को भी सामान्यतः अशुभ माना जाता है। पंचक हर महीने लगभग पांच दिनों तक रहता है, इस दौरान कई शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है। विशेष रूप...
Panchak 2026 Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक विशेष समय माना गया है। सनातन धर्म में भद्रा काल की तरह ही पंचक को भी सामान्यतः अशुभ माना जाता है। पंचक हर महीने लगभग पांच दिनों तक रहता है, इस दौरान कई शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए निर्माण कार्य पंचक में वर्जित माने जाते हैं।

पंचक क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक का निर्माण पांच नक्षत्रों के संयोग से होता है। ये नक्षत्र हैं:
धनिष्ठा
शतभिषा
पूर्वा भाद्रपद
उत्तरा भाद्रपद
रेवती
जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के अंतिम चरण से चलकर रेवती नक्षत्र के अंत तक गोचर करता है, तब पंचक का समय शुरू होता है। इसी अवधि को पंचक कहा जाता है।
पंचक क्यों माना जाता है अशुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान किए गए शुभ कार्यों में बाधा, देरी या विघ्न उत्पन्न हो सकते हैं। यही कारण है कि इस दौरान मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि, हर पंचक समान रूप से अशुभ नहीं होता। पंचक की शुभता या अशुभता इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस वार से शुरू हो रहा है।
जनवरी 2026 में कब लगेगा पंचक?
पंचांग के अनुसार, पंचक आरंभ: 21 जनवरी 2026, बुधवार को रात 01:35 बजे
पंचक समाप्त: 25 जनवरी 2026, रविवार को दोपहर 01:35 बजे
चूंकि पंचक बुधवार को शुरू हो रहा है, इसलिए इसे दोषरहित पंचक माना गया है। यही कारण है कि यह पंचक सामान्य पंचक की तुलना में कम अशुभ माना जाता है। फिर भी ज्योतिषाचार्य शुभ कार्यों को 20 जनवरी 2026 से पहले पूरा करने की सलाह देते हैं।

दोषरहित पंचक क्यों माना जाता है शुभ?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार दोषरहित पंचक पर भगवान श्री हरि विष्णु और गुरु बृहस्पति की कृपा का प्रभाव माना जाता है। ऐसे पंचक में सामान्य पंचक दोष पूरी तरह प्रभावी नहीं होता। इसी वजह से इसे शुभ फल देने वाला माना गया है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि पंचक के सभी नियम समाप्त हो जाते हैं। कुछ विशेष कार्य अब भी वर्जित रहते हैं।
दोषरहित पंचक में क्या न करें?
दोषरहित पंचक के दौरान भी इन कार्यों से बचना चाहिए:
दक्षिण दिशा की यात्रा
घर की छत ढलवाना
लकड़ी का फर्नीचर या पलंग बनवाना
भारी निर्माण कार्य शुरू करना
यदि अत्यंत आवश्यक हो, तो किसी योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य की सलाह लेकर ही कार्य करें।
पंचक में क्या किया जा सकता है?
धार्मिक पाठ और जप
दान-पुण्य
पुराने अधूरे कार्यों को पूरा करना
मानसिक और आध्यात्मिक साधना
जनवरी 2026 में लगने वाला पंचक दोषरहित माना गया है, लेकिन इसके बावजूद शुभ कार्यों को पंचक शुरू होने से पहले यानी 20 जनवरी 2026 तक पूरा करना बेहतर रहेगा। पंचक के नियमों का पालन करने से अनावश्यक बाधाओं और परेशानियों से बचा जा सकता है।
