अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की वापसी! ईरानी हमले में मारे गए या घायल हुए 650 अमेरिकी सैनिक...IRGC का बड़ा दावा

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 12:22 PM

us aircraft carrier returns 650 us troops killed or injured in iranian attack

ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने मंगलवार को दावा किया कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के पहले दो दिनों में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान के अनुसार, इन दो दिनों में 650 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए...

 इंटरनेशनल डेस्क: ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने मंगलवार को दावा किया कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के पहले दो दिनों में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान के अनुसार, इन दो दिनों में 650 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं।

IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि ईरान ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। उनका दावा है कि इन हमलों के कारण अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को ईरानी तट से पीछे हटना पड़ा।

पहले दो दिनों में भारी नुकसान का दावा
प्रवक्ता के अनुसार, ईरानी सेना ने सटीक हमलों के जरिए अमेरिकी ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंचाई। जनरल नैनी ने कहा, “युद्ध के पहले दो दिनों में 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका इन हताहतों की जानकारी को छिपाने या कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरानी खुफिया और युद्धक्षेत्र की रिपोर्ट्स इस आंकड़े की पुष्टि करती हैं।


बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े पर हमला
ईरान ने दावा किया कि उसकी मिसाइलों और ड्रोन ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के United States Fifth Fleet के मुख्यालय को कई बार निशाना बनाया। ईरानी बयान के अनुसार, बहरीन में एक प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमले में करीब 160 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के एक कॉम्बैट सपोर्ट शिप को भी ईरानी नौसैनिक मिसाइलों से नुकसान पहुंचा है।


एयरक्राफ्ट कैरियर को पीछे हटाने का दावा
IRGC प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरानी नौसेना ने चाबहार तट से लगभग 250 से 300 किलोमीटर दूर तैनात USS अब्राहम लिंकन पर चार क्रूज मिसाइलें दागीं। ईरान का दावा है कि इन हमलों के बाद विमानवाहक पोत को दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर की ओर हटना पड़ा।

ईरान ने स्पष्ट किया कि ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन के तहत वह अपनी पूरी सैन्य क्षमता का उपयोग कर रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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