Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 May, 2026 03:30 PM

सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का व्रत शिव जी की कृपा पाने के लिए बहुत खास माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 मई को रखा जाएगा।
Masik Shivratri 2026 May Date : सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का व्रत शिव जी की कृपा पाने के लिए बहुत खास माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 मई को रखा जाएगा। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव जी की पूजा करने और व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है और कुंवारी लड़कियों मनचाहे जीवनसाथी का प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 मई को सुबह 08 बजकर 31 मिनट से होगी और इसका समापन 16 मई को सुबह 05 बजकर 11 मिनट पर होगी। ज्येष्ठ महीने की मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 मई शुक्रवार को रखा जाएगा।
मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त- रात 11 बजकर 57 से देर रात 12 बजकर 38 मिनट 1 तक।

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र का धारण करें।
फिर घर के मंदिर को साफ करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
अब एक चौकी पर शिव और पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
उसके बाद शिव जी के शहद, दही, गेहूं, बेलपत्र, भांग, धतूरा और शमी पत्र अर्पित करें।
फिर शिवलिंग का दूध और जल या पंचामृत से अभिषेक करें।
इसके बाद शिव जी के मंत्रों और नामों का जाप करें और उनकी पूजा करें।
अंत में उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

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