Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Apr, 2026 12:52 PM

हिंदू धर्म में कूर्म जयंती का बहुत खास महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु ने अपना द्वितीय अवतार कूर्म यानी एक कच्छप के रूप में लिया था। हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि के दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है।
Kurma Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में कूर्म जयंती का बहुत खास महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु ने अपना द्वितीय अवतार कूर्म यानी एक कच्छप के रूप में लिया था। हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि के दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन विष्णु जी के इस अवतार की पूरे विधि-विधान से पूजा करने जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर होती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। तो आइए जानते हैं कूर्म जयंती के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Kurma Jayanti Shubh Muhurat कूर्म जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 12 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल कूर्म जयंती 01 मई 2026 को मनाई जाएगी।

Kurma Jayanti Puja Vidhi कूर्म जयंती पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
उसके बाद घर के मंदिर को अच्छे से साफ करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
फिर एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर विष्णु जी की तस्वीर स्थापित करें।
सबसे पहले भगवान कूर्म को तिलक लगाएं और फिर दीपक जलाएं।
इसके बाद विष्णु जी को अबीर, गुलाल, फूल, चावल, आदि चीजें एक-एक करके अर्पित करें।
फिर विष्णु जी के मंत्रों और नामों का जाप करें और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
अंत में विष्णु जी की आरती करें और पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ