Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 May, 2026 03:22 PM

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत खास महत्व है। लेकिन जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनि अमावस्या भी कहा जाता है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को बहुत प्रिय है।
May Amavasya 2026 : सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत खास महत्व है। लेकिन जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसे शनि अमावस्या भी कहा जाता है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को बहुत प्रिय है। इसलिए शनि अमावस्या का दिन शनिदेव को खुश करने और ग्रह शांति के लिए बहुत फलदायी माना जाता है। इस बार पूरे विधि-विधान के साथ शनिदेव की पूजा करने से जीवन के हर कष्ट दूर हो जाते हैं और शुभ फलो का प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं अमावस्या के तिथि, शुभ समय और महत्व के बारे में-
Shani Amavasya 2026 Shubh Muhurat शनि अमावस्या 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का पारंभ 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगी और इसका समापन 17 मई को देर रात 01 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, शनि अमावस्या 16 मई दिन शनिवार को मनाई जाएगी।

Significance of Shani Amavasya शनि अमावस्या का महत्व
शनि अमावस्या के दिन पूरे विधि-विधान के साथ शनिदेव की पूजा करने और कुछ विशेष उपायों को करने से कुंडली में चल रही शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से राहत मिलती है। इस दिन दान करने का भी बहुत महत्व है। इस दिन गरीबों या जरूरतमंदों को काले रंग के वस्त्र, काली उड़द की दाल का दान करें। इस दिन सच्चे मन से शनि की आराधना करने से व्रत रखने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त होता है।

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