अप्रैल का आखिरी प्रदोष व्रत: भौम प्रदोष पर बन रहा है विशेष संयोग, कर्ज से मुक्ति के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें महादेव की पूजा

Edited By Updated: 27 Apr, 2026 03:08 PM

bhaum pradosh vrat

Bhaum Pradosh Vrat April 2026: जानें अप्रैल 2026 में भौम प्रदोष व्रत कब है? कर्ज से मुक्ति पाने के लिए भौम प्रदोष की सही पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी-

Bhaum Pradosh Vrat April 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है और जब यह व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। अप्रैल 2026 का अंतिम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल, मंगलवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौम प्रदोष का व्रत रखने से न केवल भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, बल्कि भक्तों को कर्ज से मुक्ति भी मिलती है और जीवन में मंगलकारी परिणाम प्राप्त होते हैं।

PunjabKesari Bhaum Pradosh Vrat  

Bhaum Pradosh Vrat 2026 Muhurat भौम प्रदोष शुभ मुहूर्त और तिथि: पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 अप्रैल 2026 को शाम 06:51 बजे से होगी और इसका समापन अगले दिन 29 अप्रैल को शाम 07:51 बजे होगा।

पूजा का सबसे शुभ समय: 28 अप्रैल की शाम 07:06 बजे से रात 09:18 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा शाम के समय (प्रदोष काल) में ही फलदायी मानी जाती है।

PunjabKesari Bhaum Pradosh Vrat  

April Bhaum Pradosh Vrat 2026: शिव को समर्पित त्रयोदशी सर्व दोषों का नाश करती है, इसी कारण इसे प्रदोष कहते हैं। शास्त्रों में प्रदोष पूजन वार अनुसार करने का निर्देश है। मंगल को भौम कहते है। इसी कारण मंगलवार की संध्या में त्रयोदशी पड़ने पर इसे भौम प्रदोष कहते हैं। दैनिक जीवन में आम जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेना आवश्यक हो जाता है। परंतु कर्ज चुकाने में मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र अनुसार कर्ज का निर्धारण मंगल ग्रह से होता है। भौम प्रदोष में किया गया शिव पूजन जीवन में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव में कमी लाता है। शास्त्रों के अनुसार भौम प्रदोष के विधिवत व्रत-पूजन से हर तरह के कर्ज से छुटकारा मिलता है। मानसिक परेशानी दूर होती है और शारीरिक पीढ़ा से मुक्ति मिलती है तथा मंगल ग्रह के कुप्रभाव दूर होते हैं।

PunjabKesari Bhaum Pradosh Vrat  

Bhaum Pradosh Puja Ritual for Freedom from Debt कर्ज से मुक्ति के लिए भौम प्रदोष पूजा विधि: संध्या काल में शिवालय जाकर शिवलिंग सहित शिव परिवार का विधिवत षोडशोपचार पूजन करें। तांबे के दीए में गाय के घी में सिंदूर मिलाकर दीपक जलाएं, गूगल से धूप करें, लाल कनेर के फूल चढ़ाएं। रक्त चंदन से त्रिपुंड बनाए। मौली, अक्षत, भस्म, दूर्वा और बिल्वपत्र अक्षत, चढ़ाएं तथा गुड़ का भोग लगाकर रुद्राक्ष की माला से इस विशेष मंत्र से का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद गुड़ किसी गरीब को दान करें।

Bhauma Pradosh Puja Mantra भौम प्रदोष पूजा मंत्र: ॐ बभ्लु-शाय नमः॥

PunjabKesari Bhaum Pradosh Vrat  

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!