Edited By Niyati Bhandari,Updated: 17 Sep, 2026 11:00 AM

सऊदी अरब ने ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों पर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया। अमरीका का अहम सहयोगी सऊदी अरब ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के नए मोर्चे में और गहराई से उलझता जा रहा है और उसने मक्का को ‘लक्ष्मण रेखा’...
काहिरा (एजैंसी): सऊदी अरब ने ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों पर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया। अमरीका का अहम सहयोगी सऊदी अरब ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के नए मोर्चे में और गहराई से उलझता जा रहा है और उसने मक्का को ‘लक्ष्मण रेखा’ करार दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब पर उसके क्षेत्रीय दुश्मन तेहरान के समर्थक विद्रोहियों द्वारा हमले हो रहे हैं। ऐसे में, इस देश को अपने कच्चे तेल के लिए एक सुरक्षित रास्ते और साथ ही सैन्य मदद की जरूरत है।
हालांकि, इन दोनों में से किसी के लिए भी कोई स्पष्ट विकल्प अभी तक नहीं दिख रहा है। खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन हफ्तों से बंद है। यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब की अवसंरचना और लाल सागर में उसके जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में कई द्वीपों पर कब्जा भी कर लिया है।
ईरान भी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बना रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। उधर, हूतियों ने यमन की सीमा से लगभग 1,100 किलोमीटर दूर मक्का की ओर ड्रोन दागने से इन्कार किया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के जन्मस्थान के ऊपर हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही ड्रोन को नष्ट कर दिया।
इस बीच तुर्किये और पाकिस्तान की तरफ से कहा गया कि सऊदी ने उनसे किसी मदद का अनुरोध नहीं किया।