Edited By Sarita Thapa,Updated: 25 Jun, 2026 08:32 AM

हिंदू धर्म में हर एक एकदाशी का बहुत खास महत्व है। लेकिन इनमें निर्जला एकादशी सबसे कठिन मानी जाती है। इस दिन व्रती भोजन के साथ पानी का भी त्याग करते हैं। निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, 2026 यानी आज के दिन रखा जा रहा है।
Nirjala Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में हर एक एकदाशी का बहुत खास महत्व है। लेकिन इनमें निर्जला एकादशी सबसे कठिन मानी जाती है। इस दिन व्रती भोजन के साथ पानी का भी त्याग करते हैं। निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, 2026 यानी आज के दिन रखा जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से सभी पापों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन विष्णु जी की पूजा करने से साथ उनके कुछ मंत्रों और स्तोत्र का पाठ करने से कुंडली में चल रहा कोई भी दोष दूर हो जाता है। तो आइए जानते हैं श्री विष्णु स्तोत्र के लाभ के बारे में-
श्री विष्णु स्तोत्र
किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुनः पुनः।
यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव।। 1
मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं च जनार्दनम्।
गोविंदं पुण्डरीकाक्षं माधवं मधुसूदनम्।। 2
पद्नाभं सहस्त्राक्षं वनमालिं हलायुधम्।
गोवर्धनं हृषीकेशं वैकुण्ठं पुरुषोत्तमम्।। 3
विश्वरूपं वासुदेवं रामं नारायणं हरिम्।
दामोदरं श्रीधरं च वेदांग गरुड़ध्वजम्।। 4
अनन्तं कृष्णगोपालं जपतो नास्ति पातकम्।
गवां कोटिप्रदस्य अश्वमेधशतस्य च।। 5
कन्यादानसहस्त्राणां फलं प्राप्नोति मानवः।
अमायां वा पूर्णमास्यामेकादश्यां तथैव च।। 6
सायंकाले स्मरेन्नित्यं प्रातःकाले तथैव च।
मध्याहने च जपन्नित्यं सर्वपापैः प्रमुच्यते।। 7
इति श्री विष्णु स्तोत्र सम्पूर्णम्।।
श्री विष्णु स्तोत्र पाठ के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकदाशी के दिन श्री विष्णु स्तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। इस स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनेकामना पूरी होती है। साथ ही इसके प्रभाव से पारिवारिक जीवन में सुखद और सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं, जिससे घर का माहौल खुशहाल बना रहता है।

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