Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Aug, 2026 09:37 AM

सावन का महीना वैसे तो शिव जी की पूजा करने और उनको पसन्न करनमे के लिए बहुत खास माना जाता है। लेकिन यह महीना विष्णु जी की पूजा के लिए भी उतना ही फलदायी माना जाता है। सावन में पड़ने वाली एकादशी का बहुत खास महत्व होता है।
Sawan Ekadashi Offerings : सावन का महीना वैसे तो शिव जी की पूजा करने और उनको पसन्न करनमे के लिए बहुत खास माना जाता है। लेकिन यह महीना विष्णु जी की पूजा के लिए भी उतना ही फलदायी माना जाता है। सावन में पड़ने वाली एकादशी का बहुत खास महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन और पूरे विधि-विधान के साथ विष्णु जी और माता लक्ष्मी की पूजा करने से मन की हर मुराद पूरी होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन विष्णु जी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ खास चीजें जरूर अर्पित करनी चाहिए।
तुलसी दल
सावन की एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल जरूर अर्पित करना चाहिए क्योंकि श्री हरि को तुलसी बहुत प्रिय है। माना जाता है कि इस दिन तुलसी दल अर्पित करने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होते हैं और मन की हर मनोकामना पूरी होती है।
पीले रंग के फूल और वस्त्र
भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला माना गया है, इसलिए उन्हें पीतांबरधारी भी कहा जाता है। सावन एकादशी पर विष्णु जी को पीले रंग के फूल जैसे- पीले कनेर, गेंदे या पीली चमेली के फूल अर्पित करें ओर उन्हें पीले रंग के वस्त्र पहनाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।
पीले फल और पंचामृत का भोग
श्री हरि को सात्विक भोग अत्यंत प्रिय है। एकदाशी के दिन श्री हरि की पूजा करते समय उन्हें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत में तुलसी का पत्ता डालकर अर्पित करें। इसके साथ ही केले या आम जैसे पीले फलों का भोग लगाएं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
दक्षिणावर्ती शंख से जलाभिषेक
भगवान विष्णु की कृपा और माता लक्ष्मी का वास एक साथ पाने के लिए दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करें। शंख में गंगाजल या दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और माता लक्ष्मी का स्थायी निवास बनता है।
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